मुरादाबाद। जिगर मंच पर रविवार को आयोजित ब्राह्मण महाकुंभ में समाज के लोगों ने अपने अधिकारों के लिए संगठित रहने का आह्वान करते हुए आवाज बुलंद की। मुरादाबाद मंडल के अलावा हरियाणा व उत्तराखंड से पहुंचे पदाधिकारियों ने कहा कि यदि हमें अपने अधिकार चाहिए तो उप जातियों में बंटने के बजाय एकजुट रहना होगा, ताकि संसद में हमारी आवाज उठाई जा सके। महाकुंभ में वक्ताओं ने राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी के लिए 11 बिंदुओं पर अपने विचार रखे।
ब्राह्मण समाज की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अयोध्या से आए मुख्य अतिथि महंत राधेश्याम व्यास ने समाज की महत्ता के कई प्रसंग सुनाए और अपनी जड़ों से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण महाकुंभ सुनते ही मैंने इस कार्यक्रम के लिए समय दिया। हमें संगठित रहना होगा, ताकि समाज की भागीदारी दिखाई दे सके।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने कहा कि आज का समय बिखरे हुए ब्राह्मण समाज को एक करने का है, जहां ब्राह्मण राजनीतिक रूप से उपेक्षित हैं वहीं उनको सामाजिक रूप से भी पीछे धकेलना के षड्यंत्र लगातार हो रहे हैं। नई दिल्ली से आए जय हिंद मंच के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने कहा कि समाज में केवल सिरों की गिनती होती है और जिस समाज की गिनती ज्यादा होती है, उसी की ताकत सबसे ज्यादा होती है। इसलिए एक रहो और संगठित रहो।
गृह मंत्रालय की निदेशक आईएएस चित्रलेखा ने कहा कि बेटियों को शिक्षा, संस्कार और शालीन वेशभूषा का संदेश दीजिए। उन्हें आधुनिक बनाने के साथ बहादुर बनाएं, तभी वह आगे बढ़ पाएं। आज के समय में चारित्रिक शुचिता बहुत आवश्यक है। डॉ. प्रदीप शर्मा ने संगठित रहने और सुरक्षित रहने के नारे को सभी के सामने दोहराया।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक करनवीर शर्मा ने कहा कि यह आयोजन ब्राह्मण समाज को अपनी एकता प्रदर्शित करने का एक अवसर था, जिसे हमने सफलतापूर्वक प्राप्त किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा राष्ट्रीय के प्रदेश प्रवक्ता लोकेश शर्मा ने कहा कि ऐसी ही एकता हमें आने वाले समय में भी समाज के रूप सामने प्रदर्शित करनी होगी। कार्यक्रम के अध्यक्ष गोपाल मिश्रा ने समाज के एकीकरण के लिए आह्वान किया। -
युवाओं को नशा से दूर रहने का आह्वान
हरियाणा से आए नवीन शर्मा ने कहा कि यदि ब्राह्मण कुल को बचाना है तो युवाओं को नशा और मोबाइल से दूरी बनाना बहुत आवश्यक है। महाकुंभ के माध्यम से अपनी आवाज को संसद तक पहुंचाना है। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों का झंडा लगाने के बजाय अपने घर पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारा धर्म हिंदुस्तान और जाति हिंदुस्तानी होनी चाहिए।
ब्राह्मण समाज की आवाज सुनने वाला कोई नहीं
उत्तराखंड से आए विशाल शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। ब्राह्मणों को एकजुट करना बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि हमारी राजनैतिक व सामाजिक हिस्सेदारी कम है। जब भी गणना की बारी आती है तो हम गोत्र लिख देते हैं। ऐसे में अब जब भी गणना हो, तब हमें अपना गोत्र लिखने के बजाय सिर्फ ब्राह्मण ही लिखें। इससे ही हमें समाज में हिस्सेदारी और अधिकार मिलेंगे। आरक्षण पर भी उन्होंने विचार व्यक्त किए।
इनकी रही माैजूदगी
उत्तराखंड से नवनीत शर्मा, राधेश्याम, पूर्व विधायक पप्पू भरतौल, पूर्व एमएलसी सुबोध पाराशर, हरिओम शर्मा, केके मिश्रा, धर्मेंद्र नाथ मिश्रा, संजय शर्मा, इंग्लेश शर्मा, आचार्य राजेश शर्मा, रचित शर्मा, संजय पाठक, अवधेश शर्मा, आचार्य कामेश मिश्र, विमलेंद्र शर्मा, मदालसा शर्मा, सुनीता शर्मा, पवित्रा शर्मा आदि मौजूद रहीं।