मुरादाबाद। लाइनपार के लाखों लोगों को शहर के दूसरे हिस्से से जोड़ने वाला कपूर कंपनी पुल मार्च 2025 तक भी नहीं बन पाएगा। नए पुल की नींव ही अब तक तैयार हो सकी है। इसके बाद ब्लॉक प्लान किए जाने हैं। गर्डर रखने के साथ ओएचई लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी होना है। इसमें करीब छह माह का समय लगेगा।अभी तक न तो मंडल मुख्यालय की ओर से गर्डर रखने के लिए ब्लॉक तय हुए हैं। न ही लखनऊ स्थित कार्यशाला में पुल के सभी हिस्सों, पुर्जों का निर्माण हो पाया है। जनवरी 2024 में इस पुल के निर्माण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। इसके 11 माह बाद सिर्फ नींव का काम हो पाया है। तकनीकी कारणों व अधिकारियों की सुस्ती से काम में लगातार देरी हो रही है। इससे लाइनपार व शहर के लोगों को तीन किमी की दूरी तय करके लोकोशेड पुल से आवागमन करना पड़ता है।
2024 में दशहरे तक फिर दिवाली तक और उसके बाद छठ पूजा तक ब्लॉक लेकर गर्डर रखने का का शुरू करने की बात रेलवे की ओर से कही गई थी। अब दिवाली को गुजरे एक माह हो चुका है लेकिन काम शुरू नहीं हो रहा है। रेलवे का कहना है कि अब जनवरी में ब्लॉक लिए जाएंगे। यह स्थिति तब है जबकि पुराना कपूर कंपनी पुल चार दिसबंर 2022 से बंद है। तब इसे आईआईटी वाराणसी की टीम ने दोपहिया वाहनों के आवागमन के लिए कमजोर पाया था।
मरम्मत के बाद तब से अब तक पुल केवल पैदल यात्रियों के लिए खोला गया है। पुराना पुल 1995 में बना था, इतनी जल्दी इसके जर्जर होने पर भी जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाए लेकिन कोई जांच नहीं की गई। अब नए पुल का निर्माण कर पुराने पुल को ध्वस्त किया जाना है लेकिन रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं।
लाइनपार समेत शहर के लाखों लोग पुल पर निर्भर
रोजाना लाखों की संख्या में लोग लाइनपार से मुख्य शहर की ओर कपूर कंपनी पुल से आवागमन करते थे। लाइनपार के बच्चे सिविल लाइंस के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं, उनके अभिभावकों को लोकोशेड पुल से छोड़ने जाना पड़ता है। टाउनहॉल, बुधबाजार, मंडी चौक इलाके से कामगार श्रमिक लाइनपार की फैक्टरियों में आते हैं। उन्हें भी तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। पुल के किनारे दुकानदारों का कहना है कि पहले शहर के लोग खरीदारी करने लाइनपार आते थे, लेकिन पुल बंद होने से व्यापार पर असर पड़ा है।
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नया पुल बनने के बाद रेलवे गिराएगा पुराना हिस्सा
नया कपूर कंपनी पुल बनने के बाद रेलवे पुराने पुल को गिरा देगा। नया पुल पुराने पुल के बराबर में बन रहा है। पुल के धीमी गति से निर्माण को लेकर लाइनपार को लोग आपत्ति जता चुके हैं लेकिन जिम्मेदारों पर असर नहीं हुआ है। काम शुरू होने से पहले लोगों ने निकाय चुनाव के बहिष्कार का एलान किया था, तब जनप्रतिनिधि अलर्ट हो गए थे और रेलवे के अधिकारियों से इस संबंध में बात की थी लेकिन अब जनप्रतिनिधियों का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
नए कपूर कंपनी पुल पर एक नजर
लंबाई - 170 मीटर
चौड़ाई - तीन मीटर
बजट - 7.10 करोड़
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नए पुल का काम चल रहा है। मंडल मुख्यालय से ब्लॉक का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बड़ौदा हाउस से मंजूरी मिलने के बाद जनवरी में ब्लॉक लिए जा सकते हैं। हालांकि, काम पूरा होने में कितना समय लगेगा, यह नहीं कहा जा सकता। हमारी कोशिश जल्द से जल्द पुल का निर्माण करने की है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम