बिलारी। थाना क्षेत्र के सिहारी माला गांव निवासी लापता सैलून कारीगर शहजाद आलम 20 वर्ष का शव 17 जुलाई की सुबह दिल्ली के थाना खजूरी क्षेत्र में एक नाले में पड़ा मिला है।
परिजनों ने सैलून कारीगर की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। शनिवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद सैलून कारीगर का शव सिहारी माला गांव पहुंचने पर परिजन रोने लगे और गांव में की लहर दौड़ गई। सिहारी माला निवासी मरगूब आलम और उनके छह बेटे गौहर आलम,फजल आलम, महफूज आलम, शहजादे आलम, मुजाहिदे आलम और मोहम्मद अयान बीते कई वर्षों से दिल्ली के थाना खजूरी के चांदबाग इलाके में किराए का मकान लेकर कारोबार के सिलसिले में रह रहे हैं।
शहजाद आलम पंजाबी बाग इलाके में एक दुकान पर सैलून कारीगर के रूप में काम करता था। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार बीती 13 जुलाई की देर रात तक जब मकान पर नहीं लौटा तब उसके भाई महफूज से आखिरी बार फोन पर 13 जुलाई की रात ग्यारह बजे बात हुई और कहा कि मुझे देर हो गई है जल्दी ही घर पहुंच जाऊंगा। लगभग एक घंटे बाद शहजाद आलम का नंबर बंद आने लगा।
14 जुलाई की सुबह तक भी शहजाद का मोबाइल बंद रहने और उसके घर न लौटने पर परिजन चिंतित हुए तथा तलाश शुरू की। कोई पता न लगने पर उसी दिन थाना खजूरी में जाकर शहजाद आलम के पिता मरगूब आलम ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई।
इस दौरान थाना खजूरी क्षेत्र में ही एक नाले में 17 जुलाई की सुबह शहजाद का शव पड़ा मिला। परिजनों द्वारा शव की शिनाख्त कर लिए जाने पर पुलिस ने उसकी मौत का सही कारण जानने के लिए शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
शनिवार देर रात लगभग दस बजे शहजाद का शव सिहारी माला गांव पहुंचा। इस दौरान ग्रामीणों की काफी भीड़ जमा हो गई और परिवार की महिलाएं रोने लगीं। आधी रात के बाद गांव के ही कब्रिस्तान में शहजाद का दफीना कर दिया।शहजाद अभी अविवाहित था। शहजाद की मां तबस्सुम बेटे के शव के पास रोते-रोते बेहाल हो गईं।