मुरादाबाद। नगर निगम की सियासत में एक बार फिर तनातनी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा के कई पार्षदों ने मेयर विनोद अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को शिकायत पत्र भेजा है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि मेयर बैठकों और अन्य अवसरों पर पार्टी के जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हैं, जिससे संगठन और जनप्रतिनिधियों की गरिमा प्रभावित हो रही है।
शिकायत पत्र में कहा गया है कि नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठकों के दौरान भाजपा पार्षदों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। पार्षदों का आरोप है कि महिला पार्षदों की मौजूदगी में भी अनुचित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जिसके कारण कई महिला जनप्रतिनिधि असहज महसूस करती हैं।
पार्षदों ने 14 जून को हुई एक बैठक का भी उल्लेख किया है। आरोप है कि बैठक में मौजूद भाजपा नेताओं और पार्षदों के सामने मेयर ने वार्ड-12 के पार्षद प्रशांत कुमार के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और धमकी भरे लहजे में बातचीत की। पार्षद की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह 12 जून को कार्यकारिणी की बैठक में नहीं आए थे। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मेयर के व्यवहार को लेकर संगठन पदाधिकारियों को शिकायतें भेजी जा चुकी हैं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
भाजपा पार्षदों ने प्रदेश नेतृत्व से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप नहीं हुआ तो संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच असहजता बढ़ सकती है। शिकायत पत्र पर नगर निगम के कई भाजपा पार्षदों ने हस्ताक्षर भी किए गए हैं। अब निगाहें प्रदेश नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। वहीं महापौर विनोद अग्रवाल का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप गलत और निराधार हैं। विरोध करने वालों में नगर निगम के उपसभापति और वार्ड-37 के पार्षद शैलेंद्र सैनी, प्रशांत कुमार, कमला वर्मा, कमलेश सिंह, राखी, चद्रभान सिंह, सरोज सैनी, अजय तोमर, मोहित गौड़, पूजा रानी आदि पार्षद शामिल रहे।