भाई-बहन के निश्चल प्रेम और समर्पण की मिसाल कायम करते हुए चंदौसी निवासी युवक ने भैया दूज से 15 दिन पहले किडनी डोनेट कर बहन को जिंदगी का तोहफा दिया है। साथ ही बहन की रक्षा के दिए गए वचन को भी पूरा किया है। मेरठ के अस्पताल में शनिवार को किडनी का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण हुआ।
तहसील क्षेत्र के गांव ढबारसी की प्रधान पारुल गोयल (39) की काफी समय पहले दोनों किडनी खराब हो गईं थीं। कई बार ऑपरेशन व लंबे इलाज से भी वह ठीक ना हो सकीं। चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपण कराने की सलाह दी। डोनर न मिलने से बहन के प्राण संकट में देख छोटे भाई अंकित अग्रवाल (33) ने अपनी किडनी देने का निर्णय लिया।
पारुल गोयल के पति राजीव गोयल उर्फ राजू ने फोन पर बताया कि मेरठ के एक अस्पताल में गुर्दा रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गर्ग के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने किडनी प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक करा दिया। करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला।
अंकित की छह बहनें हैं। एक भाई और है। आठ बहन भाइयों में पारुल तीसरे नंबर पर हैं, जबकि अंकित छठे नंबर पर हैं। बहन और भाइयों के बीच निश्चल प्रेम व स्नेह क्षेत्र के लोगों के बीच चर्चा का विषय है। चंदौसी में अंकित की मिठाई की दुकान है। परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटी है। पारुल दो बेटियों की मां हैं।