करोड़ों रुपये का बीमा घोटाला करने वाले गिरोह ने एक मुर्दे की कीमत एक लाख रुपये रखी थी। गैंग के कुछ सदस्य गांव - गांव घूमकर ऐसे लोगों की सूची तैयार करते थे। जिनकी मौत हो चुकी थी।
इसके बाद इन परिवार को विश्वास में लेने के लिए उन्हें बताते थे कि वह सरकारी विभाग से आए हैं और सरकार ने मृतकों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक मदद करने के लिए योजना चलाई है। उसके लिए दस्तावेज और मृतक का जिंदा हालत के पुराने फोटो चाहिए। झांसे में आकर लोग उन्हें कागजात दे देते थे। इसके बाद ये लोग उसकी पालिसी कराकर क्लेम ले लिया करते थे।
इस गिरोह के झांसे में आने से बचे एक व्यक्ति ने बताया कि राजवीर सिंह और हरिओम सैनी कांशीराम नगर में कई साल पहले आकर बसे थे। यहां से ही इन्होंने अपनी दुकान चलानी शुरू की थी। उसने बताया कि उससे भी कहा गया था कि अगर उन्हें गांव या जान पहचान में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई है तो उसकी जानकारी व डिटेल लेकर आएं। उसके दस्तावेज व फोटो लाकर दे तो उन्हें भी एक लाख रुपये मिलेगा।
साथ ही मृतक के परिवार को भी मदद दी जाएगी। लेकिन ये बात केवल हम तीनों के बीच रहनी चाहिए। आप को रकम मिल जाएगी। बाकी सभी काम हम खुद कर लेंगे। उन्होंने बताया कि सुबह से शाम और शाम से रात तक इन आरोपियों के घरों पर इसी तरह की भीड़ लगी रहती थी। हरिओम के गिरफ्तार होते ही राजवीर भी फरार हो गया है।
भाजपा नेता का यार है बीमा घोटाले का फरार मास्टरमाइंड - मुर्दों का बीमा कराकर करोड़ों रुपये का क्लेम हड़पने के खेल का मास्टरमाइंड राजवीर सिंह जिले के एक भाजपा नेता का बेहद करीबी बताया जा रहा है। पुलिस जांच में पता चला है कि फरार राजवीर सिंह मामला खुलने के बाद पहले भाजपा नेता की शरण में पहुंचा था। इसके बाद से वह गायब है।
पुलिस की तहकीकात में पता चला है कि फर्जीवाड़ा करके करोड़ों रुपये का क्लेम हड़पने वाले हरिओम सैनी और राजवीर के भाजपा नेता से गहरे रिश्ते हैं। नेताओं का इनके घर आना जाना था। पुलिस को पता चला है कि हरिओम सैनी की गिरफ्तारी के बाद फरार हुआ राजवीर सिंह मूल रूप से रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र में बस्तौर गांव का रहने वाला था। इस खेल में शामिल होने से पहले उसकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी।
उसने कांशीराम नगर में गरीबों को फ्री मिलने वाला मकान लिया था। लेकिन बाद में इस घर को उसने लग्जरी फ्लैट में तब्दील कर दिया। पुलिस का कहना है कि जैसे - जैसे फर्जीवाड़े के धंधे ने गति पकड़ी, राजवीर के घर कार, एसी और ऐश- आराम की तमाम सुविधाएं जुटती चली गईं। पुलिस का कहना है कि इस दौरान राजवीर की भाजपा नेता से नजदीकियां बढ़ती चली गईं।