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तीन सौ लोगों के करोड़ों रुपये समेटकर भागी चिटफंड कंपनी

Sat, 25 Jun 2016 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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चार साल में रकम दोगुना करने का झांसा देकर चिटफंड कंपनी ने 300 लोगों से करोड़ों रुपये समेटे और भुगतान की बारी आने पर भाग गई। कंपनी के भागने से निवेशकों में खलबली है। खून पसीने की कमाई डूबने से सदमे में आए निवेशकों ने शुक्रवार को मझोला थाने पहुंचकर कंपनी और उसके कारिंदों पर कार्रवाई की मांग की। एसएसपी के आदेश पर देर रात कंपनी की डायरेक्टर और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
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पुलिस के मुताबिक मोहल्ला चौरासी घंटा नागफनी निवासी सुषमा देवी पत्नी लक्ष्मीशंकर अग्रवाल व उनके बेटे मोहित अग्रवाल ने वर्ष 2011 में तीन चिटफंड कंपनी बनाई थीं। रैंप कैपिटल कंसलटेंसी इंडिया लिमिटेड, रैंप कार्पोरेशन इंडिया लिमिटेड और रैंप म्यूचुअल बेनिफिट्स इंडिया लिमिटेड के नाम से बनाई गई तीनों चिटफट कंपनियों ने चार साल में रकम दोगुना करने का झांसा देकर पब्लिक से रकम बटोरी। इस काम के लिए एजेंट्स की पूरी फौज थी, जो लोगों को झांसा देकर रकम इकट्ठा करती थी।

पुलिस के मुताबिक दोनों मां - बेटे खुद तो डायरेक्टर थे ही, इन्होंने राकेश कुमार वर्मा पुत्र शांति प्रसाद वर्मा को भी डायरेक्टर नियुक्त कर रखा था। लालच में फंसे लोग आंखें मूंदकर कंपनी में अपनी खून पसीने की कमाई को खपाते रहे। कंपनी बदले में इन्हें बांड्स देती रही। लेकिन जब बांड्स की मैच्योरिटी डेट आना शुरू हुईं तो कंपनी का असली चेहरा सामने आने लगा।
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पहले तो कंपनी टालमटोल करती रही लेकिन फिर अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया। कंपनी के नाम पर जो प्रापर्टी थीं उन्हें धीरे - धीरे बेचा जाने लगा। खामोशी से कंपनी ने अपना आफिस भी बंद कर दिया तो निवेशकों और एजेंट्स में खलबली मची। निवेशक और एजेंट्स इकट्ठा होकर एसएसपी के पास पहुंची। शुक्रवार रात कंपनी के ही एक एजेंट गजेंद्र सिंह पुत्र कालू सिंह ने मझोला थाने में सुषमा देवी और उनके बेटे मोहित अग्रवाल व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। 

पश्चिमी यूपी में फैला रखा था जाल - पुलिस का कहना है कि तीनों चिटफंड कंपनियों ने मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, मेरठ, सहारनपुर समेत पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में अपने आफिस खोल रखे थे। यहां एजेंट्स के जरिए पब्लिक की खून पसीने की कमाई को बटोरा जाता था। पुलिस को अभी तक ऐसे 300 लोगों की लिस्ट मिल चुकी है, जिनके साथ कंपनी ने ठगी की है। गजेंद्र ने पुलिस को बताया है कि उसके साथ ही अजयपाल सिंह, सर्वेंद्र सिंह भी कंपनी में एजेंट्स थे।
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