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मंदी की मार से बैंकों पर बढ़ा एनपीए का बोझ

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मुरादाबाद। अर्थव्यवस्था में मंदी आने का प्रभाव बैंकों पर पड़ना शुरू हो गया है। पहले से ही एनपीए का बोझ ढो रहीं बैंकों के लिए मंदी की मार मुश्किल हो रही है। अब बैंकों के एनपीए में बढ़ोतरी संकट पैदा कर सकती है। इस तिमाही में ही मुरादाबाद क्षेत्र में बैंकों के एनपीए में करीब 130 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। एनपीए और मंदी की वजह से अब बैंक ऋण देने में भी शिथिलता बरतने लगे हैं।
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मुरादाबाद जनपद में 31 मार्च को एडवांस (ऋण) 11 हजार 260 करोड़ रुपये था, जो 30 जून को बढ़कर 11 हजार 877 करोड़ हो गया था। ऋण में बढ़ोतरी जहां 617 करोड़ रुपये हुई, वहीं जमा राशि में गिरावट दो हजार 425 करोड़ दर्ज की गई। ऋण की जमा राशि 31 मार्च को 19 हजार 711 करोड़ थी, जो 30 जून को 17 हजार 285 करोड़ रह गई। वहीं एनपीए करीब 740 करोड़ रुपये है। इसमें 30 जून तक 130 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस वित्तीय अनिश्चितता से बैंक ऋण देने में उत्साह नहीं दिखा रहे हैं। वह अपने लक्ष्य से भी पीछे हो गए हैं। वित्तीय वर्ष के लिए छह हजार 441 करोड़ रुपये ऋण देने का लक्ष निर्धारित किया गया था। एक तिमाही बीतने पर सभी बैंक विभिन्न मदों में मिलकर सिर्फ 1155 करोड़ रुपये का ऋण ही दे सके। अग्रणी जिला प्रबंधक सतीश कुमार गुप्ता का कहना है कि बैंकों का एनपीए निरंतर बढ़ रहा है। इसके कारण ऋण के निवेश में शिथिलता बरती जा रही है।
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