आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में दर्ज मुकदमों में अपना बयान स्थानीय एसआईटी को दर्ज कराने के लिए सांसद आजम खां बुधवार को फिर से महिला थाने पहुंचे।
आजम खां महिला थाने में लगभग सवा घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने कई सवालों का जवाब भी दिया और शेष सवालों का जवाब देने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी है।
आजम खां ने कहा कि उन्होंने पुलिस को जो कुछ भी लिखित रूप में दिया है उसकी रिसिविंग उनको नहीं दी जा रही है।
सांसद आजम खां पर आलियागंज के किसानों की जमीन कब्जाने के आरोप में 27 मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों की विवेचना के लिए स्थानीय स्तर पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी ने आजम खां को बयान दर्ज कराने के लिए 23 और 25 सितंबर को नोटिस दिया था। इसके बाद आजम खां 30 सितंबर को अपना दर्ज कराने महिला थाने पहुंचे थे।
30 को आजम खां ने सवालों का जवाब देने के लिए चार दिन की मोहलत मांगी थी। इसके बाद एक अक्तूबर को फिर से नोटिस जारी कर एसआईटी ने आजम खां को दो अक्तूबर को बयान दर्ज कराने को कहा। बुधवार की दोपहर लगभग दो बजकर 20 मिनट पर आजम खां अपना बयान दर्ज कराने के लिए अपनी पत्नी राज्यसभा सदस्य डॉ. तजीन फात्मा और बेटे विधायक अब्दुल्ला आजम के साथ महिला थाने पहुंचे।
आजम खां लगभग पौने चार बजे महिला थाने से बाहर निकले। बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि पुलिस उनके साथ कानूनी जुल्म कर रही है, जो कुछ पूछना है एक ही दिन पूछ ले। उनको अपमानित करने के लिए बार-बार बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को मैं लखनऊ में था, वहां भी एसआईटी को बयान दर्ज कराए। तभी अचानक सूचना मिली कि रामपुर में भी बयान दर्ज कराना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस उनको जलील कर रही है। 30 सितंबर को जो सवाल पूछे गए थे उसके जवाब दे दिए गए हैं। पौने चार बीघा जमीन के लिए मुझे भूमाफिया बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि पुलिस मुझे थाने में रहने की इजाजत दे दे। ताकि जब जरूरत हो पुलिस उनसे पूछताछ कर सके।
एसआईटी के निरीक्षक दिनेश गौड़ ने बताया कि सांसद ने कुछ सवालों का जवाब दिया है, कुछ के लिए मोहलत मांगी है।