समाजवादी पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस की अभद्रता की सांसद आजम खां ने कड़े शब्दों ने निंदा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन रामपुर के हालात खराब करने की हर संभव कोशिश कर रहा है। एक तरफ तो भाजपा के कार्यकर्ताओं को धरना-प्रदर्शन करने की खुली छूट दी गई है। वहीं सत्ता पक्ष के इशारे पर सपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की जा रही है। सांसद ने कहा कि मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगा। इसको लेकर हर संभव लड़ाई लड़ी जाएगी। इस मुद्दे को मैं सड़क से लेकर संसद तक में उठाऊंगा।
बुधवार को सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान आजम खां ने कहा कि जिला प्रशासन ने रामपुर में होने वाले उपचुनाव की तैयारी अभी से शुरू कर दी है। महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं, उनकी समाधि पर तो धारा 144 लागू हो ही नहीं सकती है। मैं इस मुद्दे को लोकसभा में उठाऊंगा। लोकसभा अध्यक्ष से बात करूंगा। पूरे देश को बताऊंगा कि रामपुर में महिलाओं के साथ पुलिस कैसा व्यवहार करती है। आजम खां ने कहा कि क्या अब इस देश में विपक्ष को अपनी बात कहने का हक नहीं है। यह तो मौलिक अधिकारों का हनन है। क्या सपा और भाजपा के लिए अलग-अलग कानून है। अगर जिले में धारा 144 लागू है तो सोमवार को कलक्ट्रेट में जहां गांधी समाधि के मुकाबले ज्यादा भीड़भाड़ होती भाजपा नेताओं को कैसे प्रदर्शन करने दिया गया। पुलिस ने उनको क्यों नहीं रोका। अगर भाजपा नेताओं ने जबरदस्ती प्रदर्शन किया है तो पुलिस उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करे। आजम खां ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि वह अपनी हद में रहे। उन्होंने कहा कि सपा की महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ
कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
महिला कार्यकर्ताओं से कहा हर जुल्म का हिसाब होगा
सपा कार्यालय पर पहुंचने के बाद आजम खां ने उन महिला कार्यकर्ताओं से भी बात की जो गांधी समाधि पर धरना-प्रदर्शन करने गईं थीं। उन्होंने महिलाओं से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी हासिल की। उसके बाद कहा पुलिस ने उनके साथ जो अभद्र व्यवहार किया है उसका हिसाब लिया जाएगा। महिला कार्यकर्ताओं के साथ पूरी पार्टी खड़ी है। उनको न्याय दिलाया जाएगा। चाहे इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई क्यों लड़नी पड़े।