फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजम खान और अब्दुल्ला को जेल में पूरा होने जा रहा एक साल, 27 फरवरी को रामपुर से भेजे गए थे सीतापुर जेल

Fri, 26 Feb 2021 11:42 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर
विज्ञापन
पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम - फोटो : Social Media
विज्ञापन
सपा सांसद एवं पूर्व मंत्री आजम खां को सीतापुर जेल में एक साल का वक्त पूरा होने जा रहा है। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी जेल की अवधि इतनी ही है। इस बीच कई मामलों में उनकी जमानत मंजूर हुई है लेकिन अब भी कुछ मामलों में जमानत पर सुनवाई या फैसला बाकी होने से पिता-पुत्र की रिहाई का रास्ता नहीं बन सका है।
विज्ञापन


 प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद सांसद आजम खां पर लगातार कई मुकदमे दर्ज हुए। आजम खां, उनकी पत्नी विधायक तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के खिलाफ सबसे अधिक मुकदमे 2019 में दर्ज हुए थे। मुकदमों की सुनवाई के दौरान लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने तीनों के खिलाफ जमानती और बाद में गैर जमानती वारंट जारी किया था। 

इसके बाद भी वे कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। इस पर कोर्ट ने कुर्की की मुनादी के आदेश दिए थे। पुलिस ने कुर्की की मुनादी कराई, लेकिन फिर भी आजम खां पत्नी और बेटे के साथ कोर्ट नहीं पहुंचे। इसके बाद कोर्ट ने कुर्की के आदेश जारी कर दिए थे। 
विज्ञापन


कोर्ट से कुर्की का आदेश जारी होने के बाद आजम खां ने 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। सुरक्षा कारणों का हवाला देकर तीनों को अगले ही दिन (27 फरवरी को) सीतापुर की जेल में भेज दिया था। 
विज्ञापन

इसके बाद आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत की अर्जियां कोर्ट में लगानी शुरू की थीं। सभी 34 मामलों में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद तजीन फात्मा दिसंबर 2020 में लगभग 300 दिन के बाद जेल से बाहर आ गई थीं। आजम खां और अब्दुल्ला आजम को अब भी कुछ मामलों में जमानत नहीं मिल पाई हैं। इस वजह से दोनों अब भी सीतापुर की जेल में हैं।  

आजम खां के खिलाफ दर्ज हैं 100 से अधिक मुकदमे 
सांसद आजम खां के खिलाफ लगभग सौ ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, कुछ मामलों में अभी उनकी जमानत शेष रह गई है। अब्दुल्ला आजम के खिलाफ 44 मुकदमे दर्ज हैं। अब्दुल्ला की दो मामलों में जमानत शेष रह गई है। डॉ. तजीन फात्मा के खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से सभी में उनकी जमानत हो चुकी है। 

नौ बार विधायक, चार बार मंत्री रह चुके हैं आजम 
आजम खां रामपुर शहर विधानसभा सीट से नौ बार विधायक चुने जा चुके हैं। प्रदेश सरकार में वो चार बार मंत्री का ओहदा संभाल चुके हैं। 1996 में जब वह विधानसभा का चुनाव हार गए थे तो राज्यसभा के सदस्य बनाए गए थे। 2019 में वह पहली बार रामपुर संसदीय सीट से लोकसभा का चुनाव लड़े थे और जीते भी थे।

उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा राज्यसभा की सदस्य रह चुकी हैं और वर्तमान में रामपुर शहर सीट से विधायक हैं। आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से निर्वाचित हुए थे। उम्र के विवाद में हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को उनकी विधायकी रद्द कर दी थी। यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें