केबल व्यवसायी अपनी पत्नी के साथ(फाइल फोटो)
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करोड़ों की संपत्ति के लिए आरोपी ने अपने गोद लिए तहेरे भाई और उसकी पत्नी की हत्या कर दी थी। करीब सात माह से अनसुलझे इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी घर में ही मिले एक पुराने पत्र ने सुलझा दी। ठाकुरद्वारा में 29 जून 2020 को हुई केबल कारोबारी और उसकी पत्नी की हत्या का खुलासा बुधवार को पुलिस ने किया। पुलिस ने मृत कारोबारी के चचेरे भाई सुनील वर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि सुनील ने ही करोड़ों रुपये की कीमत वाली 29 बीघा जमीन के लिए साजिश रचकर दंपती को मौत के घाट उतारा था।
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण विद्या सागर मिश्र ने बताया कि ठाकुरद्वारा नगर के मोहल्ला पीपल टोला वार्ड नंबर 9 निवासी प्रशांत वर्मा उर्फ मोहित वर्मा और उनकी पत्नी मोना वर्मा 29 जून की रात अपने घर में मृत पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई थी कि प्रशांत को गला रेतकर मारा गया था। जबकि मोना की गला दबाकर हत्या की गई थी।
पुलिस और एसओजी टीम ने कई एंगल पर जांच पड़ताल की। फोरेंसिक टीम व खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई थी। पुलिस को जब कोई लाइन नहीं मिली तो दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। जिसमें पुलिस को प्रशांत के घर में रखी अलमारी से एक पत्र मिला था। जिसमें उसने अपने चचेरे भाई सुनील वर्मा पर शक जताया था कि वह उसकी व उसकी पत्नी की हत्या करा सकता है।
पुलिस ने सुनील वर्मा को हिरासत में लेकर कई बार पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि 29 जून को पति-पत्नी घर में मौजूद थे। एसपी देहात ने बताया कि उसी दौरान उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर जनपद के जसपुर थानाक्षेत्र के कासमपुर निवासी सुनील वर्मा प्रशांत के घर बातचीत करने के बहाने आ पहुंचा था। उसने बातचीत करते हुए चाय पी।