मुरादाबाद। सरकार के आदेश पर जिले के परिषदीय विद्यालयों में 21 मई से 10 जून तक चलने वाले समर कैंप महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। कई विद्यालयों में समर कैंप आयोजित ही नहीं हो रहे हैं। शुक्रवार को पड़ताल की गई तो समर कैंप लगने के समय के दाैरान कई स्कूलों पर ताले लटके नजर आए।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों की संख्या 1400 से अधिक है। इन विद्यालयों में विभाग की ओर से बच्चों को खेल, रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए समर कैंप लगाने का निर्देश हैं, लेकिन जिले में कुछ ऐसे विद्यालय हैं, जहां पर समर कैंप केवल दिखावा बनकर रह गया। कन्या जूनियर हाईस्कूल मझोला में शुक्रवार सुबह 9:40 बजे गेट पर ताला लटका मिला।
वहीं बेसिक शिक्षा विभाग कार्यालय से करीब 200 मीटर की दूरी पर कंपोजिट विद्यालय दांग पर भी सुबह 10:13 बजे ताला लटका था। विभाग की ओर से समर कैंप सुबह 7:30 बजे से लेकर 10:30 बजे तक लगाने का निर्देश दिया गया है। समर कैंप से बच्चों को छुट्टियों में भी सीखने का अवसर मिलता है, लेकिन इस बार विभाग की लचर व्यवस्था और निगरानी की कमी के कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
समर कैंप में पहुंच रहे 15 से 25 बच्चे
बेसिक शिक्षा विभाग के जिन विद्यालयों में समर कैंप आयोजित किया जा रहा है, उसमें से कुछ विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की संख्या 11 से 25 है। इसके कारण कैंप महज औपचारिकता बनकर रह गया है। कैंप में लगातार छात्र-छात्रओं की संख्या घटती जा रही है। कंपोजिट विद्यालय कांशीराम नगर में चल रहे समर कैंप में शुक्रवार को 15 छात्र-छात्राएं पहुंचे। शिक्षकों ने बताया कि जब कैंप शुरू हुआ था तो 35 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। धीरे-धीरे बच्चे कम होते गए, जबकि विद्यालय में कुल 174 बच्चे पढ़ते हैं।