बदले मौसम का असर सोमवार को मुरादाबाद के वायु प्रदूषण पर हुआ। सुबह से लेकर शाम तक शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक दो सौ से नीचे दर्ज किया गया। शाम सात बजे 137 एक्यूआई दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार स्थिति अभी भी संतोषजनक नहीं है।
रविवार को दिनभर और सोमवार को सुबह हुई बारिश से लाल और मैरून हुए वायु प्रदूषण में सोमवार को थोड़ा सुधार हुआ। वायु मंडल में जमा भारी कणों की उपलब्धता में कमी आई, लेकिन नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का स्तर सोमवार को भी मानक से दोगुना अधिक 119 माइक्रो ग्राम मीटर दर्ज किया गया। 137 वायु गुणवत्ता सूचकांक में पीएम 10 का अधिकतम स्तर 274 और पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 375 दर्ज किया गया।
राष्ट्रीय वायु निगरानी कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने बताया कि पीएम 10 और पीएम 2.5 के अधिक होने का कारण है कि वहां पर अवैध पीतल भट्ठियों का संचालन और जाम की स्थिति है। किसी भी तरह का ईंधन जलेगा तो उसमें पीएम 10 और 2.5 जरूर निकलता है। नक्काशी प्रक्रिया (इनग्रेविंग प्रोसेस) और पॉलिश करते समय भी मशीनों से मेटल के बहुत महीन कण निकलते हैं। इसकी वजह से व्यक्तियों को सांस रोग, कैंसर आदि भी हो सकता है।
इतनी बारिश के बावजूद यदि पीएम 2.5 मानकों से अधिक है तो जिला प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए और उसके मूल कारणों को जानना चाहिए, ताकि वातावरण स्वच्छ होगा।