अजीमनगर थाना क्षेत्र के एक गांव से गायब तीन सगी बहनों का सुराग लगाने में पुलिस कामयाब हो गई है। पुलिस के मुताबिक तीनों सुरक्षित हैं और उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में अपनी चौथी व सबसे बड़ी बहन के घर में हैं। पिता के रवैये से नाराज होकर तीनों ने एक साथ घर छोड़ने का निर्णय ले लिया था। तीनों सगी बहनों के अचानक एक साथ घर से गायब हो जाने के बाद से परिजन परेशान थे। पुलिस को सूचना दिए बिना परिजन अपने स्तर से तीनों की तलाश कर रहे थे।
मुक्तेश्वर में रहने वाली युवती का फोन नंबर जुटाया और उससे बात की
इस बीच सोशल मीडिया पर तीनों के एक ही युवक से प्रेम करने और उसके साथ घर छोड़कर चले जाने की बात मंगलवार से सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इससे घबराए लड़कियों के पिता ने बुधवार को अजीमनगर थाने की खौद पुलिस चौकी पर संपर्क किया। इसके बाद अजीमनगर थाना प्रभारी ने लड़कियों की तलाश के लिए गांव व आसपास क्षेत्र से जानकारी जुटानी शुरू की। अजीमनगर थाने के एसओ रवींद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से पता चला कि इन लड़कियों की चौथी और सबसे बड़ी बहन मुक्तेश्वर (उत्तराखंड) में रहती है। उसने अपनी मर्जी से शादी की थी, जिसकी वजह से पिता बड़ी बेटी से नाराज रहता है। इसके बाद पुलिस ने किसी तरह मुक्तेश्वर में रहने वाली युवती का फोन नंबर जुटाया और उससे बात की।
युवती ने स्वीकार किया कि उसकी तीनों बहनें उसके पास
एसओ के मुताबिक मुक्तेश्वर में शादी करके रह रही युवती ने स्वीकार किया कि उसकी तीनों बहनें उसके पास हैं। पिता के रवैये से नाराज होकर तीनों ने घर छोड़ दिया था। इन तीनों में एक तलाकशुदा है, जो कुछ समय से मायके में ही रह रही है। उसकी पिता से अक्सर अनबन होती रहती थी। पिता के फिर उसे डांटने पर उसके साथ अन्य दोनों बहनों ने भी घर छोड़कर मुक्तेश्वर में बसी चौथी बहन के घर का रुख कर लिया। मुक्तेश्वर वाली युवती के मनमर्जी से शादी करने के कारण पिता उससे भी नाराज रहते हैं। इसीलिए चारों में से किसी ने घर वालों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
क्षेत्र के एक गांव से गायब तीन बहनों के एक साथ मुक्तेश्वर (उत्तराखंड) में सकुशल होने की जानकारी मिली है। फोन पर पुलिस से बातचीत में उन्होंने किसी एक के साथ प्रेम प्रसंग की बात को झूठ व अफवाह बताया है। पिता से मनमुटाव के कारण घर छोड़ने की बात कही है। घर वालों को आपसी बातचीत से नाराज बेटियों को रजामंद करने के लिए समझाया जाएगा।
- धर्म सिंह मार्छल, सीओ, स्वार (रामपुर)