बेशक अस्पतालों को अगले तीन दिन तक पुराने नोटों पर ही मरीजों का इलाज करने के निर्देश प्रधानमंत्री ने दिए हैं लेकिन अस्पतालों ने इन नोटों से अभी से मुंह फेरना शुरू कर दिया है। बिजनौर के बढ़ापुर निवासी अनीस अहमद अपनी मां के इलाज को मंगलवार को रातभर भटकते रहे।
अस्पताल ने पुराने नोटों पर इलाज करने से मना कर दिया। रात को स्टेशन भटकते हुए पहुंचे अनीस को पुराने नोटों से होटल वालों ने खाना तक नहीं दिया। छोटे नोटों की तलाश में एटीएम दर एटीएम भटक रहे अनीस अहमद रात में रेलवे स्टेशन पहुंचे। अनीस ने बताया कि उनकी मां कनीज फात्मा दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं।
मंगलवार की रात डाक्टर के लिखे पर्चे को लेकर वह मेडिकल स्टोर पर पहुंचे थे। लेकिन मेडिकल स्टोर स्वामी ने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट लेने के लिए मना कर दिया। जबकि उनके पास केवल पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट हैं। चाय पीने तक के लिए उनके पास छोटे नोट नहीं हैं।
बोले, शहर के सारे एटीएम खंगाल लिए छोटे नोट कहीं नहीं मिले और बड़े कोई लेने को तैयार नहीं है। पांच सौ रुपये का नोट लेकर वह स्टेशन के सामने स्थित होटलों पर खाना खाने पहुंचे तो वहां होटल वालों ने खाना तक नहीं दिया।
ऑटो वाले से भी उनकी काफी नोकझाेंक हुई। क्योंकि उनके पास किराये तक के पैसे नहीं थे। बोले, अब मैं क्या करूं? कहां से अपनी मां को दवा दिलाऊं।