युवाओं के पास चार स्थानों पर सामान को परखने का समय नहीं है। इसलिए वह ऑनलाइन खरीदारी करने लगे हैं। ऑनलाइन खरीदारी में उत्पाद की रेटिंग दिखाई देती है। उसके अनुरूप उसकी पसंद निर्भर करती है। हम ग्राहकों से उनकी पसंद पूछकर उसके अनुरूप सामान उपलब्ध करा रहे हैं। इसलिए कोई परेशानी नहीं हो रही है- आशीष सिंघल, आरके डिस्ट्रीब्यूटर
संगठित होकर काम करने का समय है। ज्यादा माल बनाने वाले ऑनलाइन सामान बेचकर बचत कर रहे हैं। कम सामान उत्पादित करने वाली कारोबारी सफल नहीं हो सकते हैं। इसलिए कारोबारियों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। एक साथ जुड़ेंगे तो जनता को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध करा पाएंगे- राहुल गुप्ता, लखनऊ चिकन स्टोर
बाजार में मंदी नहीं है। ऑनलाइन बाजार पर खरीदारी भी एक साल से कम हुई है। लोगों ने अपनी सोच निर्धारित कर ली है। ऑनलाइन कारोबार करने में चुनौती भी हैं। बड़ी कंपनियां 20 फीसदी बचत मांगती है। इसके अलावा पैकिंग और कोरियर का चार्ज भी अलग लगाती हैं। इस तरक के कारोबार में 60 फीसदी सामान लौटकर भी आता है- विकास बिंदल, बिंदल्स
कारोबार कभी आसान नहीं रहा है। बाजार बहुत बड़ा है। ग्राहकों की खरीद कम हो गई है। सरकारी योजनाओं से भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने अपना पैसा दूसरे स्थानों पर निवेश कर दिया है। रुपया बाजार में लौट नहीं रहा है। सरकार मदद करेगी तो कारोबार का भी विकास होगा- प्रदीप रस्तोगी, श्याम ज्वैलर्स
बड़े कारोबारियों के लिए चुनौतियां हैं। आने वाले दो साल मुश्किल भरे हैं। सामान खरीदने वाले, बेचने वाले और बनाने सभी सचेत हो गए हैं। लोगों के पास पैसा बहुत है, लेकिन वह बचत में भरोसा रखते हैं। हमें उत्पादों के सामान्य दाम निर्धारित कर गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा- सचिन रस्तोगी, नंदिनी कलेक्शन
बाजार में हमेशा से ही प्रतिस्पर्धा रही है। चुनौतियां सभी तरफ से हैं। जीएसडी कारोबारियों को भी झेलनी पड़ती है। इसके अलावा अन्य कई तरह के भी खर्चे हैं। एक साल से बाजार में सुस्ती छाई हुई है। बड़े-बड़े लोग खरीदारी करने के बजाय बचत में भरोसा कर रहे हैं- अशोक छाबड़ा, श्री क्रिएशन
ऑनलाइन बाजार की भी अपनी समस्याएं हैं। यदि कोई सामान खराब निकल आता है तो वह आसानी से वापस नहीं हो पाता है, जबकि दुकानों पर कई-कई बार वापस कर सकते हैं। दुकानदारों के सामने चुनौती है कि यदि एक ग्राहक भी खराब सर्विस की वजह से टूट गया तो वह दस ग्राहकों को तोड़ लेगा। इसलिए प्रत्येक ग्राहक को खुश करना जिम्मेदारी है- अमित सिंह, आदिशी कलेक्शन
बाजार तेजी से बदल रहा है। हालांकि कुछ झटका लगा है, लेकिन कुछ समय में समय ठीक हो जाएगा। बदलाव के समय को ग्रहण करने में मुश्किल आती है। नई योजनाएं लागू हो रही हैं। यदि परेशानियां हैं तो सरकार समाधान निकालने के लिए प्रयासरत है। जैसे-जैसे पारदर्शी सिस्टम बनेगा, क्रियान्वयन के बाद सब अच्छा रहेगा। ग्राहक बाजार को नहीं बना सकते। कारोबारियों की भी उतनी ही भूमिका है। ग्राहकों की जरूरत का ऑनलाइन कंपनियां की ध्यान रखती हैं। कारोबारियों के पास अपनी पहचान बनाने के पूरे अवसर हैं- प्रियंशा सिंह, एसोसिएट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, हिंदू कालेज
मंदी नहीं है। अभी त्योहारों की तैयारी चल रही है। इसकी वजह से बैंक में आम आदमी का भी लेनदेन कम हुआ है। कंप्यूटराइज्ड दौर है। इसके नुकसान भी हैं, लेकिन अवसर ज्यादा हैं। लोगों के पास भरपूर पैसा है। पहले एक-एक रुपये के बारे में पूछते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।
बाजार ही नहीं बैंक भी ऑनलाइन तरीकों को अपना रही हैं। 59 मिनट्स, एमएसएमई आदि योजनाएं भी कारोबारियों के लिए हैं। इसके अलावा बीमा और पेंशन योजनाएं हैं। नुकसान तब होता है, जब बाजार के हालात को समझे बिना उत्पाद बनाते जाते हैं। इससे बिक्रीदर कम हो जाती है- अमित कंसल, जीएम, प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक