उसका कहना है कि बाद में उसकी दुकान तजीन फात्मा के नाम आवंटित कर दी गई। गगन लाल का कहना है कि वह इस मामले में वह रिपोर्ट दर्ज कराने सिविल लाइंस कोतवाली में गया था, लेकिन पुलिस ने भगा दिया और उल्टे उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467 और 468 में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। बाद में उसे अपनी जमानत करानी पड़ी।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पूर्व मंत्री आजम खां, तत्कालीन इंस्पेक्टर आले हसन, डीसीडीएफ के पूर्व चेयरमैन मास्टर जाफर और कामिल खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
भैंस चोरी, बकरी खोलने के बाद लूटपाट का भी मुकदमा
सांसद आजम खां पर दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। आजम खां पर भैंस चोरी, बकरी चोरी, किताब चोरी, गैर इरादतन हत्या, लूटपाट, धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में 83 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं।
डॉ. तजीन फात्मा के नाम दर्ज हो सकता मुकदमा
डीसीडीएफ की जगह डॉ. तजीन फात्मा के नाम आवंटित करने के आरोप में आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा पर भी मुकदमा दर्ज हो सकता है। उनके खिलाफ आई शिकायत की प्रशासन जांच करा रहा है। विधायक अब्दुल्ला आजम भी इसके लपेटे में आ सकते हैं, क्योंकि उन्होंने अपनी फर्म का पता इसी दुकान का दिखाया है।