अमान! ढाई साल पहले 12 साल का ये बच्चा अपने परिवार के साथ अजमेर शरीफ की दरगाह पर गया था। बच्चे ने साइकिल की मन्नत मांगी थी। दुआ मांगी थी कि साइकिल मिली तो वो शुक्रिया बोलने अजमेर शरीफ आएगा। सातवीं में पढ़ने वाले इस बच्चे की साइकिल की मुराद पूरी हो गई।
लेकिन एक जुलाई को वह अचानक घर से गायब हो गया। परिजनों ने थाने में गुमशुदगी लिखा दी और खुद भी खोजबीन में जुट गए। रविवार को अमान खुद ही घर लौट आया, उसने बताया कि वह साइकिल के लिए खुदा का थैंक्स बोलने अजमेर शरीफ गया था। नागफनी थाना क्षेत्र में नवाबपुरा घोसियान निवासी जूस विक्रेता अकरम करीब ढाई साल पहले परिवार समेत अजमेर शरीफ दरगाह गए थे।
तब पूरे परिवार ने अपनी - अपनी जरूरतों के हिसाब से मन्नतें मांगी थीं। अकरम के दस वर्षीय बेटे अमान ने तब अपने लिए साइकिल की मन्नत मांगी थी। उसने कहा था कि यदि पिता ने उसे साइकिल दिला दी तो वह दरगाह पर मत्था टेकने आएगा। पिछले दिनों अमान को पिता ने साइकिल दी। लेकिन शुक्रवार रात अमान अचानक घर से गायब हो गया।
बच्चे के गायब होने से परिजन परेशान हो गए। नाते रिश्तेदारियों में खोजने पर भी पता नहीं चला तो पुलिस में गुमशुदगी लिखा दी। लेकिन रविवार सुबह तक अमान का कुछ पता नहीं चला। परिजन खोजबीन में ही जुटे थे कि रविवार दोपहर करीब दो बजे अमान अचानक घर पहुंच गया।
परिजनों ने बच्चे से पूछा कहां गया था, तो जवाब सुनकर कुछ देर के लिए सब खामोश रह गए। अमान ने कहा, आप तो भूल गए, मैंने साइकिल मिलने पर अजमेर शरीफ जाने की मन्नत मांगी थी, वहीं गया था खुदा को शुक्रिया बोलने।