मुरादाबाद। एटीएस (आतंकरोधी दस्ता) द्वारा लखनऊ में अलकायदा के संदिग्ध आतंकियों के पकड़े जाने के बाद मुरादाबाद मंडल में अलर्ट जारी किया गया है। धार्मिक स्थलों और सरकारी भवनों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी ने मंडल के सभी पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया है कि संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जाए और वाहन चेकिंग के अलावा रात्रि गश्त बढ़ाई जाए।
यूपी एटीएस ने रविवार को लखनऊ में संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार किए थे। जिससे पूछताछ में खुलासा हुआ था कि वह स्वतंत्रता दिवस पर लखनऊ के अलावा यूपी के कई शहरों में धमाका करने की साजिश कर चुके हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद मुरादाबाद मंडल के सभी जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। डीआईजी शभल माथुर ने बताया कि मुुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा और बिजनौर के पुलिस कप्तानों को निर्देशित किया गया है कि वह अपने अपने जनपदों में निगरानी बढ़ाएं। रात में गश्त की जाए। संदिग्ध लोगों से टोका टाकी की जाए। साथ ही जनता को भी जागरूक करें कि कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगे तो इसकी सूचना पुलिस को दी जाए। किरायेदारों को मकान देने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी कर लें।
मुरादाबाद मंडल में जुड़ते रहे हैं आतंकवादियों के तार
मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल में पहले भी आतंकवादियों के तार जुड़ते रहे हैं। ये ही वजह है कि कहीं आतंकी पकड़े जाते हैं तो खुफिया एजेंसियां मुरादाबाद में डेरा डाल लेती हैं। सात साल पहले बिजनौर जनपद के जाटान मोहल्ला स्थित एक मकान में बम ब्लास्ट हुआ था। इस विस्फोट की जांच में पता लगा था कि आतंकवादियों ने खुद को मुरादाबाद निवासी बताकर मकान किराये पर लिया था। संकटमोचन मंदिर में बम ब्लास्ट के मामले में अमरोहा निवासी व्यक्ति पकड़ा गया था। इसके अलावा रामपुर में सीआपीएफ कैंप पर आतंकी हमला भी इतिहास में दर्ज हो चुका है। संभल और अमरोहा से भी एनआईए संदिग्धों को पकड़कर ले जा चुकी है।
मुरादाबाद मंडल के सभी जिलों में अलर्ट किया गया है। पुलिस को संदिग्ध की निगरानी बढ़ाने और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया तंत्र को अलर्ट किया गया है।
- शलभ माथुर, डीआईजी, मुरादाबाद रेंज