छजलैट के एक मामले में मुरादाबाद की अदालत ने पूर्व सांसद आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें कहा है कि जिस वक्त केस दर्ज किया गया था तब वह नाबालिग थे। कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर रहा है।
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम के उम्र निर्धारण मामले में शनिवार को अदालत में दोनों पक्षों की बहस हुई। मुकदमे की अगली सुनवाई 24 जनवरी होगी। इस मामले में फैसला सुनाया जा सकता है। छजलैट के 16 साल पुराने मामले में अदालत ने पूर्व सांसद आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को दो-दो साल की सजा सुनाई थी।
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इस मामले में अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि जिस वक्त केस दर्ज किया गया था, तब वह नाबालिग थे। उनके मामले में किशोर न्यायालय में सुनवाई होनी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट ने जिला जज को इस मामले में सुनवाई करने के निर्देश दिए थे।
अब्दुल्ला आजम के उम्र निर्धारण का मामला जनपद न्यायाधीश अजय कुमार की अदालत में विचाराधीन है। अब्दुल्ला आजम की मां डॉ. तजीन फात्मा ने कोर्ट में अपने बयानों में बताया था कि अब्दुल्ला आजम का जन्म 30 सितंबर 1990 को लखनऊ स्थित केजीएमसी के अंतर्गत आने वाले क्विस मेरी अस्पताल में हुआ था।
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रामपुर के सेंट पॉल स्कूल में शुरुआती पढ़ाई की थी। अदालत ने लखनऊ केजीएमसी के चिकित्सा अधिकारी और लखनऊ नगर निगम द्वारा जन्म प्रमाणपत्र जारी करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारी भी रिकाॅर्ड के साथ कोर्ट में तलब किए थे। जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल और मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि शनिवार को अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से बहस सुनी।
अब्दुल्ला आजम की ओर से लखनऊ के नगर निगम के रिकाॅर्ड और क्विस मेरी अस्पताल के रिकाॅर्ड के आधार पर बहस की। जिसके जवाब में अभियोजन पक्ष द्वारा रामपुर जिला अदालत के आदेश समेत अन्य दस्तावेज दाखिल किए गए। जिनमें अब्दुल्ला आजम की अलग अलग जन्म तिथि है।