मुरादाबाद। अमेरिकी टैरिफ के बाद शहर के निर्यातकों को एक और बड़ा झटका लगा है। यूरोपीय यूनियन ने जीएसपी(जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंस) के तहत निर्यातकों को मिलने वाले व्यापारिक शुल्क के लाभ को खत्म कर दिया है। इससे हस्तशिल्प उत्पाद अब यूरोपीय देशों में और भी महंगे हो जाएंगे। निर्यातकों को डर है कि उत्पाद महंगा होने के चलते उनको आर्डर मिलने में कमी आएगी।
पीतलनगरी से यूरोपीय देशों में कुल निर्यात का 15 प्रतिशत कारोबार होता है। निर्यातक जेपी सिंह का कहना है कि जीएसपी (जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंस) के तहत व्यापारिक शुल्क लाभ खत्म कर दिया गया है। यूरोप के जर्मनी, फ्रांस, इटली, स्पेन जैसे देशों के खरीदारों को पीतलनगरी के करीब पांच से 10 प्रतिशत हस्तशिल्प उत्पादों पर 27 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। इसकी वजह से हस्तशिल्प उत्पादों की कीमतें बढ़ जाएंगी और निर्यातकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि टैक्स छूट खत्म होने से जिले के निर्यातकों में चिंता बढ़ गई है। वह बताते हैं कि छोटे और मध्यम निर्यातकों के लिए निर्यात और कठिन हो जाएगा। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता(एफटीए) अंतिम चरण में है। अगर एफटीए लागू हुआ तो व्यापारिक शुल्क लाभ खत्म होने पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा।