नागफनी क्षेत्र के झब्बू का नाला के नजदीक स्थित गौरीशंकर मंदिर का बृहस्पतिवार की रात एसपी सिटी ने जायजा लिया। शुक्रवार की सुबह एसडीएम ने भी मौके पर जाकर आसपास के लोगों से बातचीत की। जिला प्रशासन मंदिर को खोलवाने के लिए तैयार है।
गांव रतनपुर कलां में बंद पड़े प्राचीन जैन मंदिर को सरकार व जिला प्रशासन अपनी देखरेख में ले। साथ ही इस स्थान का जन उपयोगी इस्तेमाल सुनिश्चित करे। यह कहना है टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन का। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो मंदिर को औषधालय, पुस्तकालय अथवा किसी भी सरकारी कार्य के लिए उपयोग कर ले, ताकि आम लोगों के काम आ सके।
उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन चाहे तो जैन समाज के लोग लिखित में भी सहमति पत्र देने को तैयार हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के पलायन के बाद मंदिर में भगवान की जो मूल प्रतिमाएं थीं, उनमें से भगवान आदिनाथ की एक मूल प्रतिमा वर्ष 1985 में ही मझोला मुरादाबाद मंदिर में आ गई थी।
शेष प्रतिमाएं भी पूजा के सामान सहित उसी वर्ष हल्द्वानी जैन मंदिर में दे दी गई थीं। उसके बाद मंदिर में भगवान की कोई प्रतिमा शेष नहीं थी। इसलिए अब इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर प्रशासन और सरकार इसे अपने नियंत्रण में ले। इसके लिए हम सभी जैन समाज के लोग लिखित में सहमति पत्र देने को भी तैयार हैं।
उधर, रतनपुर कलां निवासी प्रमोद सिंह का कहना है कि यह मंदिर करीब चार सौ साल पुराना लग रहा है। प्रदीप जैन ने बताया कि यह मंदिर बहुत भव्य था। इसकी भव्यता कायम रखनी चाहिए।