मुरादाबाद। जीने का हौसला हो तो कोरोना भी कुछ बिगाड़ नहीं सकता। रामपुर के 27 साल के संक्रमित युवक ने वेंटिलेटर पर जाने के बाद भी जीने की उम्मीद नहीं छोड़ी। डाक्टरों की मेहनत और मरीज के हौसले ने कोरोना को मात दे दी। युवक स्वस्थ होकर घर चला गया। टीएमयू का पहला ऐसा मरीज है जो वेंटिलेटर पर रहने के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुआ।
रामपुर निवासी युवक 15 जुलाई को बुखार, खांसी और सांस फूलने की शिकायत पर टीएमयू में भर्ती हुआ। उसकी हालत गंभीर थी और आईसीयू में भर्ती किया गया। 17 जुलाई को तबीयत ज्यादा खराब होने पर वेंटिलेटर पर रखा गया। पांच दिन वेंटिलेटर पर रहकर उसने कोरोना से जंग लड़ी। इसके बाद तीन दिन आक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। उसके जीने की लालसा से धीरे-धीरे आक्सीजन सपोर्ट भी हट गया। एक अगस्त को टीएमयू हास्पिटल से युवक को छुट्टी मिल गई।
मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. वीके सिंह ने बताया कि विशेष दवाईयों के उपयोग से युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ। हास्पिटल के आईसीयू स्टाफ ने मरीज की विशेष निगरानी की। कोरोना की जंग जीतने वाले युवक को हॉस्पिटल के प्रशासनिक अफसरों और मेडिकल स्टाफ ने फूल बरसाकर और ताली बजाकर घर के लिए विदा किया।