मुरादाबाद। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेने को एक युवती दुल्हनिया बन गई। वह अपने परिजनों की मौजूदगी में मंडप में प्रेमी के साथ बैठी और अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे भी लिए। दूल्हे ने युवती की मांग भरी और सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा किया। शादी की रस्में पूरी होते ही दुल्हन को सरकार की ओर से दहेज का सामान और अनुदान के 35 हजार रुपये मिल गए। इसके बाद युवती अपने घर चली गई और उसने युवक के साथ जाने से इंकार कर दिया। दस माह से परेशान युवक ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर पत्नी को बुलाने की मांग की। एसएसपी के आदेश पर इस प्रार्थना पत्र की काउंसलिंग नारी उत्थान केंद्र में चल रही है।
शिकायती पत्र देने वाला युवक पाकबड़ा क्षेत्र के गांव में रहता है। वह कार चालक है। उसने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि दो साल पहले उसके प्रेम संबंध अमरोहा जनपद के धनौरा थानाक्षेत्र के गांव निवासी युवती से हो गए थे। युवती उसके रिश्ते के भाई की साली है। युवक का कहना है कि दोनों शादी करना चाहते थे। इसके लिए युवती और उसके परिजन भी तैयार थे। चौदह नवंबर 2019 को युवती और उसके परिजनों ने कॉल कर युवक को धनौरा बुला लिया। वहां मुख्यमंत्री सामूहिक शादी समारोह चल रहा था। युवक ने बताया कि उसने युवती और उसके परिजनों से कहा कि मेरे परिवार के लोग यहां मौजूद नहीं है। तब युवती और उसके परिवार के लोगों ने उसे आश्वासन दिया कि अभी यहां मंडप में बैठ जाइए। बाद में धूमधाम से शादी का आयोजन किया जाएगा। युवक का आरोप है कि वहां शादी की सारी रस्में पूरी की गईं। इसके बाद युवती और उसके परिजन युवक को उसे अपने साथ घर ले गए। वहां जाकर कहा कि युवती को अभी नहीं भेज रहे हैं। युवक ने आरोप लगाया कि दस माह बाद भी युवती के घर नहीं आई है। आरोप है कि ज्यादा दबाव बनाने पर युवक को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। काउंसलर रीतू नारंग ने बताया कि काउसंलिंग के लिए युवक और युवक को बुलाया गया था। युवक का कहना है कि सरकारी अनुदान का लाभ लेने के बाद युवती शादी से मुकर गई है, जबकि युवती ने बताया कि वह शादी समारोह में गई थी और वहां उसने शादी के लिए फार्म भरा था। वह किसी भी हालत में इस युवक के साथ नहीं रहेगी। युवती ने ये भी कहा युवक ने मुझे जो भी सामान दिया है। वह सभी सामान लौटने को तैयार है। अब इस मामले में दोनों पक्षों को काउंसलिंग के लिए दोबारा बुलाया गया है।
शादी के लिए मिलता है 51 हजार का अनुदान
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में शादी करने पर 51 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। इसमें दस हजार रुपये का गृहस्थी का सामान, जैसे बर्तन, कपड़ा, बाक्स, मोबाइल और पायल वर वधू को दिया जाता है। शादी के बाद 35 हजार रुपये लड़की के खाते में भेजा जाता है, जबकि छह हजार रुपये शादी समारोह के आयोजन पर खर्च होते हैं।