मुरादाबाद। जेल से छूटने के बाद उल्फत हुसैन ने अपना नाम बदल लिया और जम्मू कश्मीर में ही आरा मशीन चलाने लगा। 17 साल में उसने तीन शादियां की हैं और पांच बच्चे भी हैं। एसटीएफ लोकल खुफिया एजेंसी की मदद से आरोपी तक पहुंची और उसे दबोच लिया।
बताया जा रहा है कि आतंकी उल्फत हुसैन ने 2008 में चार जमानतदारों से 50-50 हजार का बाॅन्ड भरवाकर जमानत ले ली थी। इसके बाद उसे तारीख पर हाजिर होना था, लेकिन वह नहीं आया। कई बार कोर्ट से समन और वारंट जारी होने के बाद भी हाजिर नहीं हुआ। इस दौरान उसने नए नाम हुसैन मलिक से अपना पहचानपत्र बनवा लिया और गांव में रहने लगा। पिता से मिली छह बीघा जमीन पर उसने खेतीबाड़ी की। साथ ही आरा मशीन शुरू कर दी। उसने तीन शादियां भी कीं। उसके पांच बच्चे भी हैं। अब एटीएस उसकी पत्नियों और बच्चों से भी पूछताछ करेगी।
एसपी सिटी ने बताया कि एटीएस और कटघर पुलिस के हत्थे चढ़ा हिजबुल का आतंकी उल्फत हुसैन जेल से रिहा होने के बाद दो बार मुरादाबाद आया। उसे कोर्ट में पेश होेना था, लेकिन वह बिना कोर्ट में पेश हुए ही वापस लौट जाता था। इस दौरान उसने मुरादाबाद में कुछ युवाओं से संपर्क किया और आतंकी संगठन में शामिल करने के लिए बरगलाया, लेकिन बाद में वह किसी को शामिल नहीं करा पाया।