मुरादाबाद। रैपिड रेल के प्रस्ताव को जमीन पर उतारने के लिए काम तेज हो गया है। प्रोजेक्ट विजन तैयार करने वाली कंपनी से प्रशासन हर बिंदु की डिटेल मांग रहा है।
शुरुआती स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक रोजगार बढ़ाने के प्रयास व आसपास के क्षेत्र पर पड़ने वाले असर पर मंथन चल रहा है। साथ ही यह प्रयास किया जा रहा है कि खेती की जमीन को कोई नुकसान न हो। इसके लिए कंपनी कुछ जरूरी संशोधन करने में जुटी है। इसके बाद यह रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
मुरादाबाद के विकास का प्रोजेक्ट विजन उसी कंपनी ने तैयार किया है, जिसने अयोध्या के विकास का खाका खींचा। ऐसे में माना जा रहा कि प्रोजेक्ट में कम से कम खामियां होंगी और बार-बार संशोधन की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रोजेक्ट के मुताबिक मुरादाबाद से गजरौला, हापुड़, गाजियाबाद होते हुए दिल्ली तक रैपिड रेल से महज 90 मिनट में सफर पूरा हो जाएगा। मूंढापांडे में एयरपोर्ट के पास से शुरू होकर हाईवे के ऊपर से होते हुए रैपिड रेल मुरादाबाद से दिल्ली को जोड़ेगी। इससे रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा जिले सीधे जुड़ जाएंगे। यह प्रोजेक्ट करीब 10000 करोड़ रुपये का होगा। वर्तमान समय में दिल्ली रोड पर एक घंटे में अधिकतम 15,996 लोग आवागमन करते हैं। भविष्य में यह संख्या बढ़कर 25 हजार होने का अनुमान है। इसी कारण जीरो प्वाइंट पर आईएसबीटी बनेगा।
इसके अलावा जोया व ब्रजघाट टोल का आंकड़ा लें तो 40 हजार वाहन 24 घंटे में आवागमन करते हैं। भविष्य में हाईवे पर वाहनों का दबाव और अधिक बढ़ेगा। इससे जाम की स्थिति बनेगी। लिहाजा रैपिड रेल भविष्य की जरूरत के रूप में देखी जा रही है। इसके अलावा शहर में इलेक्ट्रिक बसों व लाइट मेट्रो का संचालन होगा। इसमें निर्यातकों व आर्किटेक्ट संगठनों से भी राय ली गई है।