मुरादाबाद। संक्रमण की रफ्तार बढ़ने पर पिछले छह दिनों में जिले में कोरोना के 28 केस मिल चुके है। ये सभी संक्रमित शहरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। फिर भी शहरी अभिभावक बच्चों और किशोरों के टीकाकरण को लेकर नहीं चेत रहा है। अभी तक मुरादाबाद शहर में 65 फीसदी किशोरों और 46.4 फीसदी बच्चों को ही वैक्सीन की पहली डोज लग पाई है।
जिले में इस साल जनवरी से 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों का टीकाकरण किया रहा है। जिले में 2,17,579 किशोरों के टीकाकरण का लक्ष्य है। इसकी तुलना में 89 प्रतिशत किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज लगाई जा चुकी है। ऐसे ही 16 मार्च को जिले में 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के टीकाकरण की शुरुआत है। 1,01,129 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। लेकिन लक्ष्य की तुलना में अभी तक जिले में 77.6 बच्चों को कोरोना से बचाव का पहला टीका लग सका है। इन दोनों आयु वर्गों के टीकाकरण कराने में शहर के अभिभावक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। यही वजह है कि बच्चों और किशोरों के टीकाकरण में जिले में शहरी अभिभावक सबसे पीछे हैं। किशोरों के टीकाकरण में मुरादाबाद शहरी क्षेत्र में अभी तक 65 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सका है। वहीं बच्चों के टीकाकरण में पचास फीसदी भी लक्ष्य हासिल नहीं हो सका है। जिले में लक्ष्य की तुलना में 46.4 प्रतिशत बच्चों को ही पहली डोज लग पाई है। ये हाल तब है, जब शहरी क्षेत्र में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शहरी क्षेत्र में छह दिनों में 28 पॉजिटिव केस मिले हैं। ऐसे में बच्चों और खुद का टीकाकरण जरूर कराएं। वरना मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।