मुरादाबाद। अपनी मूल तैनाती के बजाय दूसरे विभागाें में कार्य कर रहे जिले के 500 से ज्यादा कर्मचारियों की संबद्धता खत्म कर दी गई है। अब यह सभी कर्मचारी अपने मूल तैनाती वाले विभाग में ही कार्य करेंगे। इस मामले में डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी है। इस आदेश के बाद संबद्ध चल रहे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
जिले के विभिन्न विभागों में ऐसे कर्मचारी हैं, जिनकी मूल तैनाती कहीं और है, लेकिन किसी कारणवश उन्हें दूसरे विभागों में संबद्ध किया गया है। कोई पांच साल से तो कोई दस साल से संबद्धता पर अपनी सेवाएं दे रहा है। जिले में तृतीय श्रेणी के ऐसे कर्मचारियों की संख्या 500 से अधिक है। इसमें लिपिक, आशुलिपिक और शिक्षक शामिल हैं।
इन कर्मचारियों को संबद्धीकरण विभाग से प्राप्त उपस्थिति सत्यापन आख्या के आधार पर मूल विभाग से उनका वेतन जारी हो रहा है। डीएम ने इसे अनुचित ठहराते हुए आपत्ति जताई है।