मुरादाबाद। रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण और रजिस्ट्री व्यवस्था को प्राइवेट कंपनी को ठेके के विरोध में अधिवक्ताओं की 13 वें दिन भी हड़ताल जारी रही। पंजीकरण का कोई कार्य नहीं होने से राजस्व की व्यवस्था चरमरा गई है। अनुमान है कि रजिस्ट्री कार्यालयों के बंद होने से करीब 20 करोड़ की राजस्व क्षति हुई है।
रजिस्ट्री कार्यालय में ई-पंजीकरण और रजिस्ट्री व्यवस्था प्राइवेट कंपनी को ठेके पर देने के विरोध में जिले के अधिवक्ताओं ने कमर कस ली है। दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी मुरादाबाद के आह्वान पर शनिवार को भी अधिवक्ताओं ने जिले के रजिस्ट्री कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। यह हड़ताल 15 जून से जारी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार द्वारा नई व्यवस्था लागू होने से लोगों के हाथ से काम छिन जाएंगे। हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार एक कंपनी को ठेके पर पूरी व्यवस्था देने जा रही है। सरकार ने मानकीकृत मूल्य सूची , किरायनामे, पट्टे विलेखों को ऑनलाइन डिजिटल स्टांपिंग के माध्यम से करने की योजना बनायी है। यही कारण है कि अधिवक्ताओं के साथ दस्तावेज़ लेखक, स्टाम्प वेंडर्स, टाइपिस्ट सभी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। लगातार विरोध के चलते तेरहवें दिन भी रजिस्ट्री से संबंधित कोई भी कार्य नहीं हो सका। रजिस्ट्री कार्यालय पर मौजूद सभी अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टांप वेंडरों ने चेताया है कि जब तक सरकार द्वारा रजिस्ट्री कार्यालय के प्राइवेटाइजेशन और ई रजिस्ट्री के आदेश को वापस नहीं लिया जाता है। तब तक हड़ताल जारी रहेगी। धरना प्रदर्शन में मोहम्मद इस्लाम उर्फ बाबू, मलिक अंसारी, आजम, अंजार हुसैन,अजय बंसल, आवरण अग्रवाल,आशीष उपाध्याय, रमा पांडेय, जितेंद्र प्रताप सिंह उर्फ जेपी, पंकज शर्मा, अशोक सक्सेना, अभिनव भट्ट, अजय पाल, राघव गुप्ता, शाइस्ता परवीन योगेन्द्र सिंह, तरुण उपाध्याय, प्रतीक गोयल, सौरभ चक्रवर्ती, मुकुल माहौर, उस्मान, रिजवान, स्टांप वेंडर एसोसिएशन से नितिन रस्तोगी, हरिराम, स्टांप वेंडर कातिब एसोसिएशन से कातिब महासचिव नदीमुद्दीन, आजम, अंशु, सलीम खां आदि काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।