मुरादाबाद। जोनल टैक्स बार एसोसिएशन की लीगल मीटिंग और द्वितीय साधारण सभा बुधवार को रामगंगा विहार स्थित राज्यकर विभाग के ऑडिटोरियम में हुई। इसमें आयकर और जीएसटी के प्रावधानों पर विशेषज्ञों ने अधिवक्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही बार के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा कर कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
बैठक की अध्यक्षता सैय्यद आरिफ अली और संचालन महासचिव अनुज गुप्ता ने किया। पहले सत्र में अधिवक्ता शलभ अग्रवाल ने टैक्स ऑडिट की व्यवस्था समझाई। उन्होंने एक, दो, तीन और दस करोड़ रुपये की अलग-अलग सीमाओं के संदर्भ में टैक्स ऑडिट की आवश्यकता और लागू शर्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि टैक्स ऑडिट की पात्रता तय करते समय केवल टर्नओवर ही नहीं, बल्कि नकद प्राप्ति, नकद भुगतान और अन्य वैधानिक शर्तों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अधिवक्ता अराफात अली ने अधिकारियों की शक्तियों और उनके हस्तांतरण से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा की। उन्होंने पेनल्टी की कार्रवाई में उचित अधिकारी की भूमिका, अधिकार क्षेत्र और वैधानिक अधिकार के महत्व को उदाहरणों के साथ समझाया। इस दौरान सदस्यों की शंकाओं का भी समाधान किया गया। महासचिव अनुज गुप्ता ने द्वितीय साधारण सभा का एजेंडा रखा। बार के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों के ड्राफ्ट पर सदस्यों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया और सुझाव दिए। चर्चा के बाद विभिन्न संशोधनों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक में एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।