फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Moradabad News: आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का हाल... दो बजते ही डॉक्टर गायब

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। सरकार ने मोहल्ले के लोगों को घर के पास ही इलाज, जांच और दवा उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए हैं। दावा है कि यहां सामान्य बीमारियों के इलाज से लेकर गर्भवती महिलाओं की देखभाल, बच्चों का इलाज, टीकाकरण, मधुमेह-बीपी की जांच, मानसिक स्वास्थ्य, आंख-कान-दांत की सेवाएं और जरूरी दवाएं उपलब्ध होंगी। लेकिन बुधवार को लाइनपार के चार केंद्रों की पड़ताल में तस्वीर पूरी तरह एक जैसी नहीं मिली। दो केंद्रों पर दोपहर दो बजे के बाद डॉक्टर ही नहीं मिले। मरीज पहुंचे तो इलाज की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट संभालते नजर आए।
विज्ञापन




दोपहर 2:42 बजे : हनुमान नगर... स्टाफ बोला, डॉक्टर कल मिलेंगे
हनुमान नगर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बुधवार दोपहर 2:42 बजे मरीज आते-जाते मिले। केंद्र पर डॉ. यश तैनात नहीं थे। स्टाफ मरीजों को दवाएं दे रहा था। डॉक्टर के बारे में पूछने पर स्टाफ ने बताया कि डॉक्टर कल मिलेंगे। यानी जिस समय मरीज इलाज की उम्मीद लेकर केंद्र पहुंच रहे थे, उस समय चिकित्सक मौजूद नहीं थे।



2:50 बजे : जयंतीपुर में भी डॉक्टर नहीं
इसके आठ मिनट बाद जयंतीपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का हाल देखा गया। दोपहर 2:50 बजे यहां डॉ. आकाशदीप नहीं मिले। केंद्र पर अकेले फार्मासिस्ट मौजूद थे और वही मरीजों को दवा दे रहे थे। डॉक्टर कब आएंगे और कहां गए हैं, इसका स्पष्ट जवाब मौके पर नहीं मिला।
विज्ञापन




दो केंद्रों पर डॉक्टर मिले
लाइनपार के ही लक्ष्मणपुरी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थिति अलग मिली। यहां डॉक्टर तैनात थीं और मरीजों को देखा जा रहा था। कुंदनपुर स्थित केंद्र पर भी दोपहर तीन बजे डॉ. सुहैल मौजूद मिले। यानी चार केंद्रों की पड़ताल में दो पर डॉक्टर मिले और दो पर मरीजों को चिकित्सक नहीं मिले। विशेषज्ञों का कहना है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की शुरुआत केवल दवा बांटने वाले केंद्र के रूप में नहीं की गई है। केंद्र सरकार के अनुसार यहां मुफ्त व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं देने का लक्ष्य है। इनमें गर्भावस्था और प्रसव संबंधी देखभाल, नवजात व बच्चों की सेवाएं, परिवार नियोजन, सामान्य बीमारियों का इलाज, टीबी-लेप्रोसी समेत संक्रामक रोगों की देखभाल, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जांच-प्रबंधन, आंख-कान-नाक, मुंह और दांत की प्राथमिक सेवाएं, बुजुर्गों और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं शामिल हैं।


वर्जन
बुधवार को ही हमने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले डॉक्टरों के खिलाफ वेतन रोकने की कार्रवाई की है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात डॉक्टरों से भी कारण पूछा जाएगा। स्पष्ट कारण न मिलने पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें