मुरादाबाद। सिविल लाइंस थानाक्षेत्र में रहने वाले कारोबारी से 42.35 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हरिद्वार निवासी आरोपी और उसके साथी ने खुद को अधिकारी बताकर उत्तराखंड में सरकारी विभागों के टेंडर दिलाने का झांसा देेकर रकम ली थी। इस मामले में आरोपी की पत्नी और उसका साथी व साथी की पत्नी भी आरोपी हैं।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के रामगंगा विहार निवासी राजेश कुमार अरोड़ा ने सिविल लाइंस थाने में दो जुलाई 2019 को केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद के रानीपुर थानाक्षेत्र के शिवालिक नगर निवासी माणिक टंडन और उसकी पत्नी रोशनी टंडन, सौरभ वत्स, उसकी पत्नी नंदिनी वत्स पर 42 लाख 35 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया था। राजेश कुमार ने पुलिस को बताया था कि सितंबर 2018 में चारों आरोपी उनके घर आए थे। सौरभ वत्स व माणिक टंडन ने खुद को देहरादून सचिवालय का बड़ा अधिकारी बताया था। आरोपियों ने राजेश को झांसा दिया था कि वह उत्तराखंड के खेल, पर्यटन और अन्य विभागों में सरकारी टेंडर दिला देंगे। इनके झांसे में आकर राजेश ने नई फर्म बना ली थी। आरोपियों ने रकम लेने के बाद उसे कोई टेंडर नहीं दिलाया। इतना ही नहीं आरोपियों ने 10 लाख रुपये और मांगे थे।
सिविल लाइंस थाना प्रभारी आरपी सिंह ने बताया कि आरोपी माणिक टंडन को सोमवार दोपहर कांठ रोड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
कई और लोगों से भी ठगी कर चुके हैं आरोपी
सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए केस में राजेश ने बताया था कि उन्हें बाद में पता चला था कि आरोपी सौरभ वत्स, माणिक टंडन, नंदिनी और रोशनी टंडन ने मिलकर पहले भी कई लोगों से धोखाधड़ी की है। उन्हें भी जानकारी मिली थी कि आरोपी सौरभ वत्स हरिद्वार जेल में बंद है। वह उससे मिलने हरिद्वार जेल भी गए थे। उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने रकम देने से साफ इनकार कर दिया था।