कुंदरकी (मुरादाबाद)। एंटी करप्शन टीम ने बृहस्पतिवार की शाम कुंदरकी नगर के लेखपाल दिनेश चौधरी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। लेखपाल से रिश्वत के रूप में लिए गए पांच हजार रुपये भी बरामद किए हैं। आरोप है कि वाहन चालक से सामान्य आरक्षण पात्रता प्रमाण पत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज दस हजार रुपये की मांग की थी। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के खिलाफ कुंदरकी थाने में केस दर्ज कराया है और शुक्रवार को आरोपी को बरेली ले जाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
कुंदरकी नगर के मोहल्ला सादात निवासी वाहन चालक मेहरबान अली ने बताया कि उसकी बेटी मासूम फात्मा पुलिस विभाग में नौकरी का प्रयास कर रही है इसलिए नौकरी में आरक्षण के 10 प्रतिशत लाभ प्राप्त करने के लिए उसको सामान्य आरक्षण पात्रता प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही थी इसलिए एक माह पहले बिलारी तहसील में प्रमाणपत्र के लिए आवेदन जमा किया था जिसकी जांच कुंदरकी नगर के लेखपाल दिनेश चौधरी को मिली थी। मेहरबान हुसैन का आरोप है कि लेखपाल ने सामान्य आरक्षण पात्रता प्रमाणपत्र पर रिपोर्ट लगाने के एवज में दस हजार की मांग रहे थे और एक माह से परेशान कर रहे थे। इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुरादाबाद ईकाई में की थी जिसके चलते बृहस्पतिवार की शाम में एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से लेखपाल को कुंदरकी बाईपास पर ग्राम जैतपुर पट्टी निवासी शौकत अली के मकान के सामने पाखड़ के पेड़ के नीचे लेखपाल को पांच हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी नवल मारवाह ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया जिसमें शुक्रवार को विवेचना से बरेली ले जाकर कोर्ट में पेश करेंगे।
थाने में पहुंचे बिलारी के कई लेखपाल, साजिश बताया
कुंदरकी। एंटी करप्शन टीम द्वारा कुंदरकी के लेखापाल दिनेश चौधरी की गिरफ्तार होने पर बिलारी तहसील से अनेक लेखपाल भी थाने में आ गए थे। यहां पर लेखपालों ने आरोपी से बातचीत की। इसके बाद मीडिया को बताया कि साजिश के तहत लेखपाल दिनेश चौधरी को फंसाया गया जिसकी सही जांच होनी चाहिए। वहीं गिरफ्तार दिनेश चौधरी भी खुद काे बेकसूर बताते रहे।
शिकायतों के घेरों में रहा है रिश्वत में पकड़ा गया लेखपाल
बिलारी। कुंदरकी में बृहस्पतिवार दोपहर रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया लेखपाल दिनेश चौधरी पहले से शिकायतों के घेरों में रहा है। कुंदरकी नगर और आस पास के राजस्व ग्रामों में शत्रु संपत्ति पर कब्जे कराने के नाम पर सुविधा शुल्क लेने के आरोप नागरिकों ने लेखपाल पर लगाए थे। नगर पंचायत कुंदरकी के सभासद नाजिम उस्मानी ने बताया कि नगर लेखपाल दिनेश द्वारा गलत तरीके से किए जाने वाले कामों की शिकायत नगर पंचायत के सभासदों ने तहसील अधिकारियों से की थी। चकफाजलपुर गांव निवासी अतीक अहमद ने बीती 17 मई के तहसील समाधान दिवस में अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर लेखपाल पर आरोप लगाया था कि लेखपाल दिनेश कुमार ने बिना जांच किए दूसरे पक्ष से हमसाज होकर उसके पिता लईक अहमद का नाम राजस्व अभिलेखों से हटा दिया है। लेखपाल दिनेश के साथ अवैध रूप से दो सहायक काम करते हैं। लेखपाल के सहायकों द्वारा क्षेत्र के लोगों से अवैध रूप से सुविधा शुल्क वसूलने की शिकायतें भी पीड़ितों ने अधिकारियों की थीं।
लेखपाल दिनेश कुमार को दूसरी बार दो दिसंबर 2024 को राजस्व विभाग से कुंदरकी नगर वाला लेखपाल हलका मिला। इस अवधि से लगभग एक साल पहले भी दिनेश इसी हल्के पर थे लेकिन तहसील अधिकारियों ने उन्हें हटा दिया था। बाद में संजू कुमार, मोहम्मद फईम, निकुंज अग्रवाल, मनीष कुमार आदि लेखपालों की साल भर में इस हल्के पर अदला बदली हुई। दिनेश ने अपने राजनीतिक असर का फायदा उठाकर दोबारा कुंदरकी हल्के का चार्ज पा लिया था। लेखपाल के खिलाफ मिलने वाली शिकायतों को लेकर मौजूदा एसडीएम विनय कुमार सिंह ने उन्हें फटकार लगाते हुए चेतावनी भी दी थी।