अस्पताल में झोलाछाप करते थे ऑपरेशन, खुद देते थे एनेस्थीसिया
एबीएम अस्पताल में डॉ. सरताज के अलावा काशीपुर से कुछ झोलाछाप भी ऑपरेशन करने आते थे। अस्पताल में किसी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का पंजीकरण नहीं था। इसके बावजूद महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी की जाती थी।
सर्जन डॉ. सरताज के बयान के मुताबिक उन्हें यह कहकर अस्पताल में बुलाया गया था कि महिला डॉक्टर कहीं गई हैं, इमरजेंसी है इसलिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। विभाग की जांच के मुताबिक दुष्कर्म के आरोपी शाहनवाज की पत्नी भी झोलाछाप है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में उसका पंजीकरण नहीं है।
डेढ़ महीने से अस्पताल नहीं गए एनेस्थेटिस्ट
एनेस्थेटिस्ट डॉ. अरुण जैन का कहना है कि वह पिछले करीब डेढ़ माह से अस्पताल नहीं गए हैं। इससे पहले उन्होंने जितने ऑपरेशन के मामलों में मरीजों को एनेस्थीसिया दिया, वह सभी ऑपरेशन डॉ. सरताज ने किए थे। उनके अलावा और कौन ऑपरेशन करने आता था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
वहीं सर्जन ने भी कहा कि पिछले डेढ़ माह से वह सप्ताह में सिर्फ एक दिन एबीएम अस्पताल में जाते थे। ऐसे में माना जा रहा है कि बाकी दिन मरीजों की सर्जरी झोलाछाप से कराई जा रही थी।
जांच लगभग पूरी हो गई है। एबीएम अस्पताल के पैनल में शामिल डॉक्टरों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब जल्द ही रिपोर्ट प्रशासन को भेजेंगे। सर्जन व एनेस्थेटिस्ट के बयानों में अंतर की स्थिति में एमसीआई को इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ