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सवालों के घेरे में एबीएम अस्पताल: झोलाछाप करते थे ऑपरेशन...एनेस्थेटिस्ट और सर्जन के बयानों में विरोधाभास

Tue, 27 Aug 2024 06:37 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

नर्स दुष्कर्म प्रकरण में चल रही जांच मामले में एबीएम अस्पताल लगातार सवालों के घेरे में है। पता चला है कि यहां भर्ती होने वाले मरीजों के ऑपरेशन झोलाछाप करते थे। पूछताछ में सर्जन डॉ. सरताज आलम व एनेस्थेटिस्ट डॉ. अरुण जैन के बयानों में विरोधाभास मिला है। 
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ठाकुरद्वारा स्थित अस्पताल जिसमें दरिंदगी की वारदात सामने आई - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ठाकुरद्वारा में नर्स से दुष्कर्म के बाद चर्चा में आए एबीएम अस्पताल के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच लगभग पूरी कर ली है। सर्जन डॉ. सरताज आलम व एनेस्थेटिस्ट डॉ. अरुण जैन के बयानों में विरोधाभास मिला है। सर्जन ने कहा था कि मरीज को एनेस्थीसिया डॉ. अरुण जैन ने दिया था।

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डॉ. जैन का कहना है कि वह 18 अगस्त को एबीएम अस्पताल गए ही नहीं। स्वास्थ्य विभाग ने सीसीटीवी फुटेज के जरिये भी इसकी पुष्टि की है। इसमें एनेस्थेटिस्ट डॉ. अरुण जैन अस्पताल में आते नहीं दिखे। स्वास्थ्य विभाग ने उनसे लिखित में यह बयान लेने के बाद फाइल सुरक्षित रख ली है।

अब रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। मरीज को पोस्ट ऑपरेटिव केयर के अलावा सर्जरी से पहले की प्रक्रिया में भी लापरवाही स्पष्ट होने पर सर्जन डॉ. सरताज आलम पर बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह एमसीआई को डॉ. सरताज का लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्र लिख सकते हैं। साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इससे पहले कितने ऑपरेशन उन्होंने बिना एनेस्थेटिस्ट की गैर मौजूदगी में किए।

अस्पताल में झोलाछाप करते थे ऑपरेशन, खुद देते थे एनेस्थीसिया

एबीएम अस्पताल में डॉ. सरताज के अलावा काशीपुर से कुछ झोलाछाप भी ऑपरेशन करने आते थे। अस्पताल में किसी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का पंजीकरण नहीं था। इसके बावजूद महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी की जाती थी।

सर्जन डॉ. सरताज के बयान के मुताबिक उन्हें यह कहकर अस्पताल में बुलाया गया था कि महिला डॉक्टर कहीं गई हैं, इमरजेंसी है इसलिए ऑपरेशन करना पड़ेगा। विभाग की जांच के मुताबिक दुष्कर्म के आरोपी शाहनवाज की पत्नी भी झोलाछाप है। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में उसका पंजीकरण नहीं है।

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डेढ़ महीने से अस्पताल नहीं गए एनेस्थेटिस्ट

एनेस्थेटिस्ट डॉ. अरुण जैन का कहना है कि वह पिछले करीब डेढ़ माह से अस्पताल नहीं गए हैं। इससे पहले उन्होंने जितने ऑपरेशन के मामलों में मरीजों को एनेस्थीसिया दिया, वह सभी ऑपरेशन डॉ. सरताज ने किए थे। उनके अलावा और कौन ऑपरेशन करने आता था, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

वहीं सर्जन ने भी कहा कि पिछले डेढ़ माह से वह सप्ताह में सिर्फ एक दिन एबीएम अस्पताल में जाते थे। ऐसे में माना जा रहा है कि बाकी दिन मरीजों की सर्जरी झोलाछाप से कराई जा रही थी।
 
जांच लगभग पूरी हो गई है। एबीएम अस्पताल के पैनल में शामिल डॉक्टरों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। अब जल्द ही रिपोर्ट प्रशासन को भेजेंगे। सर्जन व एनेस्थेटिस्ट के बयानों में अंतर की स्थिति में एमसीआई को इनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ

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