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Retired Bank Manager: दोस्ती, साजिश और हत्या... शिक्षिका ने पकड़े हाथ, बैंक मैनेजर ने दोस्त संग मिलकर मार डाला

Tue, 27 Aug 2024 02:07 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने बैंक प्रबंधक, उसकी प्रेमिका और दोस्त के साथ को गिरफ्तार किया है। इन तीनों ने ही मिलकर पूर्व मैनेजर की हत्या की थी।
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Moradabad Retired bank manager - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दोस्ती, साजिश और हत्या... सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह को मारने के लिए उनके ही दोस्त बैंक मैनेजर मनोज कुमार ने गहरा षड्यंत्र रचा था। जांच पड़ताल के बाद पुलिस जब हत्यारोपियों तक पहुंची तो हैरान रह गई। हत्याकांड में बैंक मैनेजर और शिक्षिका जैसे सरकारी कर्मचारी शामिल थे।
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आरोपियों ने बहाने से वीर सिंह को बुलाकर कार में खींच लिया। इसके बाद शिक्षिका ने उनके हाथ पकड़े और मनोज व अनिल गुप्ता ने रस्सी से गला घोंट दिया था। इसके बाद आरोपी 40 मिनट तक शव को कार में डालकर हाईवे पर घूमते रहे।

पुलिस के मुताबिक, 16 अगस्त की शाम वीरबाला यादव ने वीर सिंह को कॉल कर दिल्ली रोड पर एमडीए ऑफिस के सामने बुला लिया था। यहां से वीर सिंह वीरबाला को बाइक पर बैठाकर चंदौसी कट की ओर चले तो पीछे से मनोज और अनिल कार लेकर आ गए। मनोज कार चला रहा था। रास्ते में मनोज ने वीर सिंह की बाइक रुकवा ली और उन्हें कार में खींच लिया। 
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सके बाद वीरबाला ने वीर सिंह के हाथ पकड़ लिए और मनोज और अनिल ने रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद वीरबाला कार की अगली सीट पर मनोज कुमार के बगल बैठी थी, जबकि तीसरा आरोपी अनिल कुमार गुप्ता वीर सिंह की बाइक लेकर कार के पीछे-पीछे चलने लगा। 

हाईवे पर शव को ठिकाने लगाने के लिए मनोज अपनी कार दिल्ली रोड पर टीएमयू कट तक ले गया, लेकिन मौका नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद वीरबाला घबराने लगी तो मनोज ने उसे पाकबड़ा में कार से उतार दिया। इसके बाद मनोज कार को दलपतपुर जीरो प्वाइंट तक ले गया और कार मोड़कर मैनाठेर थाना क्षेत्र में चंदौसी कट तक पहुंच गया। 

 

यहां अनिल की मदद से शव को कार से निकाला और सड़क किनारे फेंक दिया। इसके बाद अनिल ने वीर सिंह की बाइक वहीं खड़ी कर दी थी और मोबाइल भी शव के पास छोड़ दिया था। हत्या के बाद आरोपी मनोज कुमार और अनिल कुमार गुप्ता कार लेकर कुंदरकी-डींगरपुर-पाकबड़ा मार्ग की ओर चले गए थे। 


 

रास्ते में आरोपियों ने रस्सी और अन्य सामान फेंक दिया था। वहां से आरोपी पाकबड़ा पहुंचे और फिर मुरादाबाद आकर अपने-अपने घर आरोपी पाकबड़़ा पहुंचे और वहां से मुरादाबाद आ गए। इसके बाद आरोपी अपने अपने घर चले गए थे।

 

घटनास्थल तक फोन लेकर नहीं गए आरोपी
आरोपी लंबे समय से वीर सिंह की हत्या की साजिश रच रहे थे। घटना वाले दिन मनोज, वीरबाला और अनिल के बीच बातचीत हुई थी। जिसमें तय हुआ था कि कोई भी मोबाइल लेकर घटनास्थल पर नहीं जाएगा। वीरबाला ने वीर सिंह को कॉल की और एमडीए ऑफिस के पास आने को कहा। इसके बाद वह अपना फोन घर पर ही छोड़कर पहुंच गई थी और वीर सिंह के आने का इंतजार कर रही थी। वहीं आरोपी मनोज और अनिल भी अपने-अपने मोबाइल घर पर ही छोड़कर आए थे।

 

बैंक प्रबंधक ने प्रेमिका और दोस्त के साथ मिलकर की थी पूर्व मैनेजर की हत्या
मुरादाबाद में सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह (65) की हत्या प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की पपसरा (अमरोहा) शाखा के मैनेजर मनोज कुमार ने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला और दोस्त कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता के साथ मिलकर की थी। सोमवार को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि मनोज कुमार ने वीर सिंह द्वारा की जा रहीं भ्रष्टाचार की शिकायतों के कारण वारदात को अंजाम दिया।

 

एसपी देहात संदीप कुमार मीना ने बताया कि मझोला के मानसरोवर कॉलोनी निवासी सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर वीर सिंह का शव 16 अगस्त की रात करीब 12 बजे मैनाठेर थाना क्षेत्र में चंदौसी रोड पर मिला था। कुछ ही दूरी पर उनकी बाइक खड़ी थी। पोस्टमार्टम में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई थी। इस मामले में वीर सिंह के बेटे हर्षित चौधरी ने हत्या का केस दर्ज कराया था।

 

पुलिस की जांच में हत्याकांड में मझोला के शाहपुर तिगरी निवासी बैंक मैनेजर मनोज कुमार, सिविल लाइंस के डबल स्टोरी एमडीए काॅलोनी निवासी कार मैकेनिक अनिल कुमार गुप्ता और मझोला के बुद्धि विहार सेक्टर-2 में रहने वाली संभल के अतौरा निवासी शिक्षिका वीरबाला यादव के नाम सामने आए। 

 

वीरबाला पाकबड़ा के रतनपुर कला गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मनोज कुमार बताया कि वह वीर सिंह के साथ काम कर चुका है। वीर सिंह भी अमरोहा की पपसरा शाखा में तैनात रहे थे। वीर सिंह मूल रूप से अमरोहा के बागड़पुर के ही रहने वाले थे। 

 

वीर सिंह के परिचित मनोज कुमार के पास लोन के लिए जाते थे तो मनोज उनसे पैसे मांगता था। वीर सिंह ने उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत कर दी थी। इसी कारण मनोज उनसे रंजिश रखने लगा और उसने वीर सिंह की हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने अपनी प्रेमिका शिक्षिका वीरबाला यादव से वीर सिंह की दोस्ती करा दी। 16 अगस्त की शाम को शिक्षिका ने कॉल करके वीर सिंह को मिलने के बहाने एमडीए ऑफिस के पास बुला लिया, वहां से वीरबाला वीर सिंह की बाइक पर बैठकर चंदौसी कट के पास पहुंची।

 
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पीछे से कार से पहुंचे मनोज कुमार और अनिल ने वीर सिंह को खींचकर कार में डाल दिया। आरोपियों ने पहले हाथ से वीर सिंह का गला दबाया और बाद में रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंक कर आरोपी फरार हो गए थे। सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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