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UP: पिता आजम की सलाह से तय होगा अब्दुल्ला का सियासी भविष्य, अखिलेश यादव की खामोशी भी बन चुकी है नाराजगी की वजह

Sat, 01 Mar 2025 02:46 PM IST
शाहरुख खान मोहित सक्सेना, अमर उजाला, रामपुर

सार

पिता आजम खां की सलाह से पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम का सियासी भविष्य तय होगा। पूर्व विधायक अब्दुल्ला जल्द आजम खां से मिलने सीतापुर जेल जा सकते हैं। सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। 
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Abdullah Azam political - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरदोई जेल से रिहा होने के बाद सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम की खामोशी ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। सियासी गलियारों में अब्दुल्ला के सियासी भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अब्दुल्ला जल्द ही सीतापुर जेल में बंद पिता से मिलकर अपने सियासी भविष्य पर कोई फैसला ले सकते हैं। 
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उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों के बीच मुलाकात हो सकती है। सपा नेता आजम खां के पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम दो जन्म प्रमाणपत्र समेत 42 मामलों में कोर्ट से जमानत पर रिहा हो चुके हैं। वह करीब 16 माह तक हरदोई जेल में रहे। हालांकि, रिहाई के बाद से लेकर अब तक उन्होंने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है। 

वह करीबियों से तो रोजाना मिल जरूर रहे हैं, लेकिन अपने सियासी भविष्य के बारे में किसी को भी कुछ नहीं बता रहे हैं। मीडिया के सामने भी उनकी खमोशी अभी भी तक जारी है। अब्दुल्ला आजम की यह खमोशी कहीं न कहीं कुछ गुल खिला सकती है।
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अब्दुल्ला के जानने वाले बताते हैं कि वह जल्द ही सीतापुर जेल में बंद पिता आजम खां से मिलने जा सकते हैं। यहां पर वह अपने मुकदमों से लेकर सियासी सफर के भविष्य को लेकर मंथन कर सकते हैं। 
 

पिता द्वारा दिए गए सियासी मंत्र के आधार पर ही वह सियासी भविष्य की तलाश करेंगे। फिलहाल उनकी खामोशी ने सियासी दलों के नेताओं की धड़कनों को तेज कर दिया है। सियासी दल के नेता अब्दुल्ला के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।

आजम-चंद्रशेखर की मुलाकात भी रह चुकी है चर्चा का विषय
सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खां से आजाद समाज पार्टी के मुखिया और सांसद चंद्रशेखर की कुछ समय पहले हुई मुलाकात भी चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों के बीच हुई मुलाकात के बाद सियासत में हलचल तेज हो गई थी। चर्चा थी कि सपा नेता आजम खां कोई बड़ा सियासी फैसला ले सकते हैं। हालांकि, चंद्रशेखर ने उस वक्त महज औपचारिक मुलाकात बताकर मामले को टालने की कोशिश जरूर की थी।

सपा मुखिया की खमोशी भी बन चुकी है नाराजगी की वजह
सपा नेता आजम खां व उनके परिवार पर आए संकट के बाद से सपा खेमे में छाई खामोशी भी आजम खां व उनके समर्थकों में नाराजगी की प्रमुख वजह मानी जा रही है। आजम समर्थक लगातार सपा मुखिया को इसको लेकर निशाना बना चुके हैं। लोकसभा चुनाव में भी आजम समर्थकों की नाराजगी सामने दिखी थी।

 

अब्दुल्ला से मिलने नहीं पहुंचे सपा सांसद नदवी
सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम को रिहा हुए तीन दिन का समय निकल गया है। उनके स्वागत के लिए स्थानीय सपा नेताओं के साथ ही मुरादाबाद की सांसद रुचिवीरा समेत अन्य जिलों के सपा नेता पहुंच रहे हैं, लेकिन रामपुर के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी मुलाकात के लिए नहीं पहुंचे हैं। 

 
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इसको लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चा बनी है। नदवी और सपा नेता आजम खां के परिवार के बीच दूरियां लगातार बनी हुई हैं। सपा टिकट मिलने से लेकर सांसद बनने तक के सफर में दोनों के बीच दूरियां बनी रहीं। अभी भी यह दूरियां लगातार बनी हुई हैं। आजम समर्थकों ने उनके चुनाव का बहिष्कार भी किया था।

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