अब्दुल्ला आजम की उम्र निर्धारण मामले में बृहस्पतिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब्दुल्ला आजम के पूर्व वकील और हरदोई जेल में बंद अब्दुल्ला आजम को नोटिस भेजा है। इस मुकदमे की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी। छजलैट के पंद्रह साल पुराने मामले में दोषी पाए गए अब्दुल्ला आजम सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे।
सड़क जाम करने और आम जनता को उकसा कर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के मामले में मुरादाबाद की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने 13 फरवरी को आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ दो-दो साल की सजा और प्रत्येक पर 3-3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस मामले में अब्दुल्ला आजम ने जनपद न्यायालय में 21 फरवरी को अपील की थी।
अब्दुल्ला आजम ने अपनी अपील में कहा था कि वह घटना के वक्त नाबालिग थे। इस कारण से उनके मुकदमे की सुनवाई का अधिकार किशोर न्याय बोर्ड को था न कि किसी अन्य अदालत को। इसी बात को लेकर अब्दुल्ला आजम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां के खिलाफ दर्ज डूंगरपुर प्रकरण के दो मामलों में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। दोनों मामलों में गवाह कोर्ट पहुंचे। एक में गवाह ने बयान दर्ज कराए, जबकि दूसरे में गवाह से जिरह की गई। दोनों की गवाही पूरी नहीं हो सकी है। अदालत अब नौ नवंबर को सुनवाई करेगी।
सपा नेता आजम खां के खिलाफ वर्ष 2019 में गंज कोतवाली में डूंगरपुर प्रकरण के मामले दर्ज हुए थे। इन्हें डूंगरपुर बस्ती के लोगों ने अलग-अलग दर्ज कराया था। कुल 12 मामले हैं। आरोप है कि सपा सरकार में आसरा आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन खाली कराया गया। उनके साथ मारपीट और लूटपाट की गई।
मकानों पर बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया गया। इनकी सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। बृहस्पतिवार को दो मामले में सुनवाई हुई। एक मामले में मुकदमे के विवेचक उप निरीक्षक धर्मेंद्र सोलंकी गवाही के लिए कोर्ट पहुंचे। उनके बयान दर्ज हो चुके हैं। बचाव पक्ष के अधिवक्ता द्वारा उनसे जिरह की गई।
जिरह पूरी नहीं हो सकी। दूसरा मुकदमे के वादी अबरार गवाही के लिए कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अपने बयान दर्ज कराए। अब अगली सुनवाई पर बचाव पक्ष उनसे जिरह करेगा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि दोनों मामलों में नौ नवंबर को सुनवाई की जाएगी।