टीका लगवाने के बाद लोग संक्रमित हो जाते हैं...बुखार आ जाएगा और बीमार पड़ जाएंगे...वैक्सीन के जरिए शरीर में कोरोना वायरस डाला जाता है...टीका लगने से कोरोना हो जाता है...ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की राह में कुछ इस तरह की अफवाह और भ्रांतियों का जाल फैला हुआ है। जो अभियान की राह में रोड़ा बन रहे हैं। इस जाल को जागरूकता के हथियार से काटना होगा। तभी महामारी को हरा पाएंगे।
शहर की घनी आबादी से लेकर गांव तक टीकाकरण को लेकर भ्रांतियां फैली हुई है। इसका असर टीकाकरण अभियान पर पड़ रहा है। यही वजह है कि छह महीने बाद भी शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। जिले में 14 जून तक 3.35 लाख लोगों को पहली और 55590 लोगों को दूसरी डोज लग चुकी है। इसमें 80 फीसदी शहरी और 20 फीसदी ग्रामीण इलाके की हिस्सेदारी है।
दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन भ्रांतियों को दूर करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। न तो प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और न ही कोई अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता की कमी और शिक्षा के अभाव के चलते भ्रांतियों और अफवाहों की जड़े और गहरी होती जा रही हैं। ग्रामीणों के बीच फैली भ्रांतियां और अफवाह अभियान पर भारी पड़ रहे हैं। जिसे सामूहिक प्रयास से दूर करने की जरूरत है।
कोरोना टीकाकरण को लेकर लोगों के बीच अफवाह और भ्रांतियां फैली हुई हैं। शहरी क्षेत्र की तुलना में ग्रामीण इलाकों में ये अफवाह और भ्रांतियां अधिक हैं, जबकि इनका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है। विभागीय स्तर पर इन भ्रांतियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है। मेरी अपील है कि 18 वर्ष से पार हर वर्ग के लोग अपना और अपने परिवार के सदस्यों का टीकाकरण कराएं। इससे संक्रमण का फैलाव रुकेगा।
- डा. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
जानिए इन अफवाहों और भ्रांतियों की हकीकत...
भ्रांति : टीकाकरण से बुखार आ जाता है
हकीकत : हर टीके के बाद बुखार आना सामान्य प्रकिया है, हर किसी को बुखार भी जरूरी नहीं।
भ्रांति : टीका लगने से कोरोना हो जाता है।
हकीकत : टीका कोरोना को रोकने के लिए बनाया गया, न कि कोरोना के मरीज बढ़ाने के लिए।
भ्रांति : टीका लगने से व्यक्ति की मौत हो जाती है।
हकीकत : ऐसा कुछ नहीं है, देश में करोड़ों लोगों को टीका लग चुका है।
भ्रांति : जानवर की चर्बी से टीका बना है।
हकीकत : वैक्सीन के ऊपर सारे कंटेंट लिखे होते हैं, जिसे कोई भी पढ़ सकता है।
भ्रांति : मुस्लिम विरोधी सरकार केवल मुस्लिम को टीका लगवा रही है।
हकीकत : टीका हर वर्ग, हर धर्म और समुदाय के लोगों को लगाया जा रहा है।
भ्रांति : टीका लगने से नपुंसक हो जाते है।
हकीकत : ये लोगों में भ्रांतियां है, इसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है
भ्रांति : पानी का टीका लगा कर जनता को उल्लू बना रहें है।
हकीकत : हर वैक्सीन टेस्ट के बाद ही लैब से बाहर आती है, हर वैक्सीन पर बैच नंबर होता है।
भ्रांति : जनसंख्या नियंत्रण के लिए टीका लगा रहे हैं।
हकीकत : इसका जनसंख्या नियंत्रण से कोई लेना-देना नहीं है।