बिलारी। तहसील के खादर इलाके में स्थित बाकीपुर जटनी गांव में जीवित किसान को राजस्व निरीक्षक ने तीन साल पहले मृतक दिखा दिया और किसान के चार फर्जी वारिसान के नाम दर्ज कर दिए। किसान द्वारा जब अपनी भूमि पर ऋण लेने के लिए आवेदन किया गया तब उसे पता चला कि वह राजस्व अभिलेखों में मृतक है। बाकीपुर जटनी गांव निवासी वृद्ध किसान अब्दुल खालिक ने बुधवार दोपहर बाद तहसीलदार कार्यालय में शपथ पत्र समेत शिकायती पत्र दिया। किसान ने शिकायती पत्र में कहा कि बाकीपुर जटनी गांव के रकबे में गाटा संख्या 384, 385, 407 और 432 उसकी दादेलाही भूमि है।
अपने पिता की मृत्यु के बाद से वह इस जमीन पर काबिज है। उसने अपने नाम और हिस्से वाली जमीन पर प्रथमा बैंक माोहनपुर शाखा से ऋण लेने के लिए आवेदन किया। बैंक शाखा प्रबंधक द्वारा कृषि भूमि नई नकल खतौनी जमा करने को कहा।
किसान के अनुसार जब उसने बुधवार को तहसील के कंप्यूटर कक्ष से ग्राम बाकीपुर जटनी के रकबे में खाता संख्या 12 के सभी चारों गाटा संख्या वाली भूमि की खतौनी की नकल ली तब पता चला कि राजस्व निरीक्षक हल्का जलालपुर द्वारा 17 जून 2022 को उसे राजस्व अभिलेखों में मृतक होना दिखाया गया है तथा उसके स्थान पर एक महिला को उसकी पत्नी और चार अन्य युवकों को उसके बेटे होना बताते हुए पांचों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर दिए गए हैं। किसान ने राजस्व निरीक्षक द्वारा राजस्व अभिलेखों में उसे मृतक दिखाने का दर्ज किया गया 17 जून 2022 का आदेश निरस्त करने की मांग अधिकारियों से की है।