कांठ। क्षेत्र में लगातार दिखाई दे रहे तेंदुओं को लेकर वन विभाग अब पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को वन विभाग की टीम ने क्षेत्र के गांव कोकरपुर, दयानाथपुर, गोविंदपुर ज्ञानपुर, खलीलपुर कद्दीम में पहुंचकर तेंदुए की तलाश में कॉम्बिंग करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
पिछले कई दिन से क्षेत्र में तेंदुओं की चहलकदमी दिख रही है। ग्रामीणों के अनुसार बृहस्पतिवार को गांव गोविंदपुर ज्ञानपुर में एक साथ तीन तेंदुए दिखाई दिए थे, यह ग्रामीणों के पशुओं के पीछे भी दौड़ थे। 28 जुलाई की रात दो तेंदुए क्षेत्र के गांव खलीलपुर कद्दीम के पास देखे गए थे। 27 जुलाई की रात भी तेंदुए नहर से गांव अहमदपुर निंगू नंगला को जाने वाले रास्ते पर दिखे थे। लगातार तेंदुओं के दिखाई देने से ग्रामीणों में डर और चल रही कांवड़ यात्रा को देखते हुए शुक्रवार को क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेश कुमार शर्मा, डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, डिप्टी रेंजर रविंद्र यादव, वन दरोगा राजेंद्र सिंह, वन रक्षक नीटू चौहान आदि ने टीम के साथ गांव कोकरपुर, दयानाथपुर, गोविंदपुर ज्ञानपुर, खलीलपुर कद्दीम में पहुंचकर तेंदुए की तलाश में जंगलों में कॉम्बिंग की। शुक्रवार की शाम कांठ के गांव खलीलपुर कद्दीम में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया है। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि गांव खलीलपुर कद्दीम से होकर कांवड़ यात्रा मार्ग जा रहा है। जिससे होकर शिवभक्त कांवड़िये भी निकलेंगे। कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए एक खेत में पिंजरा लगाया गया है। जिसकी निगरानी के लिए टीम लगाई गई है।
डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए कोकरपुर में पिंजरा लगवाने के लिए कहा है। साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक करते हुए खेतों, जंगलों में अकेले न जाने, शाम के बाद बच्चों को घर और गांव से दूर न जाने देने और खेतों में काम करते समय आपस में बात करते रहने या मोबाइल में तेज आवाज में गाने चलाने को कहा गया है। यदि कहीं तेंदुए या पदचिह्न दिखाने पर तत्काल सूचना देने की अपील की गई है।