पुलिस कर रही जांच (सांकेतिक तस्वीर)
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मूंढापांडे थाना क्षेत्र में सीएससी में तैनात फार्मासिस्ट के नाबालिग बेटे ने शुक्रवार की शाम सरकारी आवास में फंदे पर लटक कर जान दे दी। परिवार वालों का कहना है कि वह पढ़ाई में कमजोर था, बावजूद इसके मोबाइल पर रील देखता रहता था।
उसे मोबाइल छोड़ पढ़ाई करने को कहा तो तनाव में आ गया और आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन परिवार के लोगों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। ऋषिकेश त्रिवेणी क्षेत्र में रहने वाले फार्मासिस्ट अपने परिवार के साथ सीएससी परिसर में ही सरकारी आवास में रहते हैं।
उनका बड़ा बेटा इंजीनियरिंग करने के बाद औरैया की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है जबकि दूसरे नंबर का 15 साल सका बेटा रामपुर के एक इंटर कॉलेज में नौवीं कक्षा में पढ़ता था जबकि तीसरे नंबर का बेटा कक्षा छह में पढ़ता है। परिवार के लोगों ने पुलिस को बताया कि छात्र पढ़ाई में कमजोर था।
हर वक्त मोबाइल में रील देखता रहता था। स्कूल से आने के बाद भी वह छिपकर रील ही देखता था। कई बार उसे डांटा भी गया था और मोबाइल छीन लिया था। उसके साथ के छात्र भी उसे चिढ़ाने लगे थे। जिसकी वजह से तनाव में आ गया था।
शुक्रवार की शाम छात्र की मां छोटे बेटे को ट्यूशन छोड़ने के लिए गई थी। कक्षा नौ का छात्र घर पर अकेला था। इसी दौरान वहर कमरे में जाकर दुपट्टे से पंखे के सहारे लटक गया। छोटे बेटे को छोड़कर मां लौटी तो बेटे को फंदे पर लटका देख शोर मचा दिया।
शोर शराबा सुनकर स्वास्थ्य कर्मी और चिकित्सक पहुंच गए। छात्र को फंदे से उतारा गया लेकिन जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सीओ हाईवे राजेश कुमार बताया कि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।