मुरादाबाद। विकास कार्यों की समीक्षा में यूं तो कई स्कीमों पर चरचा हुई मगर सबसे ज्यादा वक्त प्रमुख सचिव ने लोकोपुल पर दिया। प्रोजेक्ट कहां अटका हुआ है। स्थानीय स्तर पर क्या बाधा है और शासन स्तर पर कहां पैरवी होनी है इसके बारे में सिलसिलेवार जानकारी ली गई। प्रमुख सचिव ने कहा कि वह लखनऊ जाकर खुद इस प्रोजेक्ट की पैरवी करेंगे। ताकि शहर के लोगों को हर रोज लगने वाले जाम से निजात मिल सके।
संकरा लोकोपुल शहर भर की ट्रैफिक व्यवस्था को ध्वस्त कर रहा है। कोई दिन ही ऐसा बीतता होगा जब यहां जाम न लगता हो। हालांकि पहले तो पुल चौड़ीकरण का मुद्दा उठ रहा था मगर अब जब यह तय हो गया है कि चौड़ीकरण नहीं हो सकता है तो मौजूदा पुल की बगल में नए पुल को लेकर कवायद हो रही है। अमर उजाला इस मुद्दे को शिद्दत के साथ उठा रहा है। अमर उजाला की इस मुहिम का असर भी होने लगा है। बृहस्पतिवार को पहुंचे प्रमुख सचिव वीरेश कुमार ने सर्किट हाउस में विकास कार्यों की समीक्षा की। यहां वैसे तो तमाम मुद्दों पर चरचा होती रही मगर केंद्र लोकोपुल ही रहा। जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल ने बताया कि लोकोपुल पर जाम की समस्या अधिक रहती है। रेलवे के अधिकारियों से वार्ता हो चुकी है। रेलवे से जल्द ही एनओसी भी मिल जाएगी लेकिन शासन को पुल की लागत का 28 करोड़ रुपया देना होगा। टू लेन पुल का निर्माण कराया जाना है। यहां प्रमुख सचिव ने भरोसा दिलाया कि वह लखनऊ जाकर इस मुद्दे पर सरकार से वार्ता करेंगे। ताकि समय से बजट रिलीज कराया जा सके।
2015 तक तैयार हो जाएंगे 12 सेतु
मुरादाबाद। पीडब्लूडी और ब्रिज कारपोरेशन जनपद में छोटे बड़े बारह सेतुओं का निर्माण करा रहा है। इन सेतुओं के निर्माण पर भी यहां समीक्षा हुई। अफसरों ने बताया कि 6 सेतु मार्च 2015 तक तैयार हो जाएंगे जबकि छह सेतु जून 2015 तक तैयार हो जाने हैं। जल निगम के अफसरों ने कहा कि उनके द्वारा नौ योजनाओं का निर्माण कराया जा रहा है जिन्हें भी समय से बना लिया जाएगा।
इन योजनाओं पर हुई समीक्षा
राजस्व वसली
पेंशन
वजीफा
लोहिया ग्रामीण आवास योजना
निर्मल भारत अभियान
स्वास्थ्य
स्कूल भवन निर्माण
अस्पतालों का निर्माण