मुरादाबाद। हैरत यह है कि एक किलोमीटर दूर ही टाइगर था और वन विभाग को अंदाजा नहीं लग पाया। आखिर क्या उम्मीद की जाए ऐसे अफसरों से जब उनकी पूरी तैयारी के बीच भी टाइगर ने किशोरी को मार डाला। सवाल अब आपरेशन पर उठने लगा है। आखिर यह टीमें क्या कर रही हैं?
मंगलवार को डीएफओ के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने मतलबपुर के फायरिंग रेंज से टाइगर के पद चिंहों को आधार बनाकर तलाश शुरू की। करीब एक दर्जन गांवाें में होते हुए टीम मौड़ी, खूंटखेड़ा गांव के पास शाम चार बजे पगचिंह तलाशती हुई पहुंची। टीम इसी क्षेत्र में थी कि शाम चार बजे टाइगर ने इसके एक किलोमीटर आगे कांठ थाने के गांव मल्लीवाला के जंगल में किशोरी को मारडाला।
ग्रामीणों ने लाइसेंसी हथियार लेकर दो घंटे तक बाघिन की जंगल में तलाश की लेकिन उसका कोई पता नहीं लग पाया। एसडीएम, सीओ, एसओ, तहसीलदार सहित तमाम अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन सूचना के दो घंटे बाद तक भी वन विभाग की टीम नहीं आ पाई थी। इसे ले ग्रामीणों ने भारी नाराजगी जताई।