मुरादाबाद। महानगर में बिजली संकट के खिलाफ आक्रोश भड़कने लगा है। रविवार को व्यापारियों ने टाउन हाल सबस्टेशन पर धरना-प्रदर्शन किया। शाम को मोमबत्तियां जलाकर विरोध जताया गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी हालात न सुधरेे तो बड़ा आंदोलन होगा।
उद्योग व्यापार मंडल समिति के बैनर तले तमाम व्यापारी शाम को नारेबाजी करते हुए टाउन हाल पर पहुंचे। यहां पर सबस्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों का कहना था कि ईई ने एक हफ्ते में हालात सुधरने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक हालात नहीं सुधरे। दिन हो या रात कभी भी बिजली चैन नहीं लेने दे रही है। एक तरफ अंधाधुंध कटौती की जा रही है तो दूसरी ओर अनाप शनाप बिलों से व्यापारी परेशान हैं। व्यापारियों ने पंद्रह दिन की मोहलत देते हुए कहा कि इसके बाद जबरदस्त आंदोलन होगा। बाद में व्यापारियों ने मोमबत्तियां जलाकर भी विरोध जताया।
इस मौके पर मनमोहन अग्रवाल, विपुल अग्रवाल, राकेश सिक्का, दीपक कत्याल, मनीष शर्मा, सुनील सेठी, संदीप बजाज, हनी कपूर, सतीश चंद्र, सुमित विज, राजेश यादव, ओमप्रकाश धवन, प्रवेश चड्ढा, अंकुर कत्याल, सुरेंद्र सिक्का, अशोेक केके, विक्की सोनी, मोहित अग्रवाल, प्रवेश चड्ढा, विशाल सचदेवा, पवन गुप्ता, मनीष बेरी, चंचल जैन, सुमित वासन मौजूद थे।
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कर्मचारी बेलगाम, उपभोक्ता हलकान
- कनेक्टिविटी का बहाना बना जमा नहीं करते बिल
- कैश काउंटरों पर रोजाना हो रहे हंगामे, अफसर बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। आनलाइन बिलिंग योजना भी उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन गई है। कुछ तो समस्या सिस्टम की है तो कुछ कर्मचारी पैदा कर रहे हैं। कनेक्टिविटी रोजाना बाधित हो रही है। कैश काउंटरों पर कर्मचारी ऑफलाइन बिल जमा होने की प्रक्रिया खत्म होने की बात कहकर उपभोक्ताआें को परेशान कर रहे हैं। इस सबसे बेखबर अधिकारी कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
एक अप्रैल से शुरू हुई नई व्यवस्था को लेकर पहले दिन से ही दिक्कतें आ रही थीं। पहले तीन महीने तो हालात बद से बदतर रहे। अब थोड़ा बहुत काम शुरू हो सका है, तो अब कर्मचारियों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान है। शहर में स्थित बिजली विभाग के सभी कैश काउंटरों को आनलाइन कर दिया गया था। योजना के मुताबिक यदि कनेक्टिविटी बाधित होती है, तो कंप्यूटर पर ही इसे आफ लाइन जमा किया जाता है। कनेक्टिविटी आने पर इस डाटा को आनलाइन ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस झमेले से बचने के लिए कर्मचारी कनेक्टिविटी का बहाना बनाकर काम ही करना बंद कर देते हैं। कहा जाता है कि कनेक्टिविटी आने पर ही बिल जमा होंगे। सुबह से लाइन में खड़े उपभोक्ता परेशान होते हैं। कैश काउंटरों पर हंगामे रोजाना की बात हो गई है। उपभोक्ता की मजबूरी है कि बिल जमा करना है। लाइन में लगने के बाद भी बिल जमा न हुआ तो अपनी लापरवाही को भी बिजली विभाग अगले महीने ‘एरियर’ या सरचार्ज के रूप में उपभोक्ताओं पर ठाेंक देगा। ऐसा नहीं है कि अफसरों को इसका पता नहीं है लेकिन सब कुछ जानकर भी अफसर अंजान बने रहते हैं। एसई पीके जैन का कहना है कि इस संबंध में वे चेकिंग कराएंगे। यदि कर्मचारी काम नहीं करेंगे तो कार्रवाई होंगे।