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चुनौतियां बहुत हैं, एक एक करके सबसे निपटेंगे

Tue, 04 Jun 2013 05:30 AM IST
Moradabad
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मुरादाबाद। डीजीपी देवराज नागर ने स्वीकार किया कि थानों में पीड़ितों के साथ पुलिस का व्यवहार अच्छा नहीं है। पुलिस वालों का बर्ताव ऐसा हो गया कि आम आदमी जाने से डरने लगा। ऐसे में उनका सबसे पहला टारगेट थानों को सुधारना है। रही बात क्राइम कंट्रोल की तो अपराध रोकने में नाकाम अफसर हटाए जाएंगे। कइयों पर कार्रवाई हो भी चुकी है। जबकि कई लिस्ट में है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों पर सरकार गंभीर है। वह खुद नियमित मानीटरिंग कर रहे हैं।
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प्रदेश पुलिस के मुखिया सोमवार की रात को करीब साढ़े नौ बजे पुलिस अकादमी में पहुंचे थे। मंगलवार को वह सैनिक सम्मेलन करेंगे। अमर उजाला ने उनसे पुलिसिंग, तफ्तीश और बढ़ते अपराधों के मुद्दे पर बात की। पेश हैं डीजीपी से बातचीत के प्रमुख अंश।
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सवाल: बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने को क्या एक्शन ले रहे हैं।
जवाब: वह सभी अधिकारी हटाए जा रहे हैं जो क्राइम कंट्रोल करने में विफल हैं। नियमित समीक्षा की जा रही है।
सवाल: तफ्तीश में गुणवत्ता लाने को क्या फार्मूला है।
जवाब: स्पेशल ट्रेनिंग कोर्स तैयार किए गए हैं। पुलिस कप्तान खुद जिले के बड़े मामलों की विवेचनाओं पर निगाह रखेंगे।
सवाल: प्रदेश पुलिस की रिक्तियां कब तक दूर कर ली जाएंगी।
जवाब: एक लाख पद रिक्त हैं। भर्तियां शुरू करने जा रहे हैं। जुलाई अगस्त से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
सवाल: क्या प्रदेश में ‘विवेचना पुलिस’ अलग करने की तैयारी की जा रही है।
जवाब: जब सभी रिक्त पद भर लिए जाएंगे तब इस फार्मूले को अपनाया जाएगा।
सवाल: पुलिस में अनुशासन तार तार हो रहा है। अफसर और कर्मचारी में दूरी बन गई
जवाब: सुधार हुआ है और हो रहा है। अनुशासनहीनता करने वाले बर्खास्त किए गए हैं
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