मुरादाबाद। पाकबड़ा में मासूम की हत्या का मामला पुलिस दबाने की कोशिश में जुट गई है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद उच्चाधिकारियों का दबाव पड़ा तो थाना पुलिस पीड़ित के घर पहुंची। लेकिन घटना की तहरीर नहीं ली। यही नहीं, शव का पोस्टमार्टम कराए बगैर पुलिस मासूम की मौत को बीमारी बताने लगी।
कस्बे के बड़ा मंदिर मोहल्ला निवासी किसान रतिराम सिंह सैनी के नौ साल के बेटे विनीत उर्फ आशीष (9) की गुरुवार को जहरीला दूध पीने से मौत हो गई थी। वह सरस्वती शिशु मंदिर में कक्षा दो का छात्र था। विनीत ने स्कूल से आकर घर में रखा दूध पीया और चावल खाए थे। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ी। परिजन उसे तीर्थंकर महावीर मेडिकल कालेज ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना के बाद भी पुलिस नहीं आई तो परिजनों ने उसेे दफना दिया। पिता रतिराम सिंह ने गांव के कुछ लोगों पर संदेह जताया था। मामला किसान की तीन बीघा जमीन हथियाने का था। यही नहीं, उसने इस संबंध में कुछ दिन पहले डीआईजी से शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अमर उजाजा में खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को पुलिस रतिराम के घर पहुंची, लेकिन तहरीर नहीं ली। उल्टे बच्चे की मौत को बीमारी बताने लगी।
एसओ ने कहा कि बच्चे को दौरे पड़ते थे। इसी में उसकी जान गई। उन्होंने बताया कि मामले में स्थानीय डाक्टर से भी बात की थी, जिसके यहां रतिराम बच्चे को ले गए थे। उसने भी जहर की संभावना से इंकार किया।
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