मुरादाबाद। पीके इंटरनेशनल के गार्डों ने चोरी की भूमिका दिवाली से पहले ही बना ली थी। गुरुवार रात उन्होंने तीन घंटे में टैंपो से माल लादकर उन्होंने कोतवाली एक स्क्रैप कारोबारी के यहां पहुंचा दिया और रकम लेकर फरार हो गए। रविवार को पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर दिया। दो गार्डों को जेल भेजा गया है। पुलिस आरोपी स्क्रैप कारोबारी और गार्डों के दो साथियों की तलाश कर रही है।
गुरुवार की रात सिविल लाइन्स के अंबेडकर पार्क के पास स्थित पीके इंटरनेशनल फर्म से गार्डों ने करीब तीन लाख रुपये कीमत का हैंडीक्राफ्ट सामान चोरी कर लिया था। उनकी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तो पुलिस हरकत में आई। उसी रात रखवाली के लिए आए सिक्योरिटी एजेंसी से आए गार्ड नरेश को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी आदित्य की तलाश में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पता लगा कि आदित्य ने फर्जी तरीके से एजेंसी की नौकरी पाई थी। लेकिन कुछ और गार्डों की सूचना पर पुलिस ने शनिवार रात कांठ के नीबू नगला गांव से आदित्य उर्फ विश्वास को पकड़ लिया। चोरी का माल कोतवाली के मानपुर निवासी स्क्रैप कारोबारी लईक के गोदाम से बरामद हुआ। हालांकि छापे के दौरान लईक व उसके साथी फरार हो गए।
एसपी सिटी ने बताया कि आदित्य करीब डेढ़ माह से एक्सपोर्ट फर्म में नौकरी कर रहा था। घटना वाले दिन नरेश रात की ड्यूटी पर आया था। आदित्य ने नरेश से सांठगांठ करके घटना को अंजाम दिया। सारा माल बरामद हो गया है।
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बारहवीं में पढ़ रहा आदित्य
चोरी में पकड़ा गया आदित्य कांठ के एक इंटर कालेज से 12वीं की पढ़ाई कर रहा है। उसने बताया कि पिता अपनी वैन चलाते हैं। उसे कुछ पैसों की जरूरत थी, इसलिए घटना कर दी। फर्म मालिक अंकुर कपूर ने बताया कि
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सोच समझकर रखें गार्ड
फर्म में गार्ड रखने से पहले उसकी ठीक से पड़ताल करें।
पुलिस को सूचना दें, ताकि पुलिस वैरीफिकेशन हो सके।
सुरक्षाकर्मी की हरकतों पर नजर रखें।
उसके रिश्तेदारों के नाम पते की भी सूचना जुटा लें।
पिछली नौकरियों के दौरान उसके व्यवहार को भी जानें।
सिक्योरिटी एजेंसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।