मुरादाबाद। निजीकरण के खिलाफ पिछले सप्ताहभर से आंदोलित नगर निगम के संविदा सफाई कर्मी सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। संविदा और ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मियों ने आउटसोर्सिंग से पगार लेने से साफ इंकार कर दिया है। हड़ताली कर्मियों ने नगर निगम दफ्तर पर सोमवार को महापौर और नगर आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस के बैनर तले नगर निगम के संविदा और ठेका सफाई कर्मी पांच नवंबर से लगातार धरना प्रदर्शन करते चले आ रहे हैं। इनकी मांग है कि इनका निजीकरण न किया जाए और पूर्व की भांति इनकी संविदा बरकरार रहे। पिछले दिनों शासन ने एक आदेश जारी कर स्थानीय निकायों के संविदा और ठेका कर्मियों की संविदा खत्म कर दी थी। जिसके अनुपालन में नगर निगम ने इस कैटेगिरी में आने वाले करीब 850 सफाई कर्मियों की संविदा खत्म कर दी। हालांकि इन्हें नौकरी से निकाला नहीं गया। नगर निगम अब ऐसे कर्मियों को आउटसोर्सिंग से पैसा दे रहा है। जिसके खिलाफ ये सभी 850 कर्मी आंदोलनरत हैं। सोमवार को इन लोगों ने नगर निगम पर भूखहड़ताल शुरू कर दी। संविदा कर्मियों का कहना है कि नगर निगम के अफसर या महापौर उनका दर्द तक सुनने नहीं पहुंची, ऐसे में भूखहड़ताल के सिवाए उनके पास कोई रास्ता नहीं बचता। प्रदर्शन करने वालाें में रजनीश चौधरी, प्रदीप कुमार, विशाल सरन, अनिल, इंद्रजीत, चंद्रशोखर, सुनील, वीरू, जयकिशोर, गौरव, अरविंद, मोनू, रिक्की, सतीश, दिलीप कुमार, राजेश आदि शामिल थे।