मुरादाबाद। पिता की डांट से परेशान हाईस्कूल की एक छात्रा ने घर पर जहर खाकर जान दे दी। शनिवार शाम वह किसी सहेली के यहां गई थी। वहां से लौटने के बाद पिता ने डांटा तो जहर पी लिया। रात करीब 12 बजे परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल गए और वहां से साईं अस्पताल लाए। सुबह छात्रा ने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मोहल्ले और रिश्तेदारी से सैकड़ों लोग जुट गए।
मझोली चौराहे के पास रहने वाले मनोज कुमार रामपुर रोड स्थित एक पीतल फर्म में कर्मचारी हैं। परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटी अंजली (16) और एक बेटा नितिन (13) है। बेटी वीकेएस पब्लिक स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा थी। शनिवार शाम वह अपनी एक सहेली के यहां जाने की बात कहकर घर से निकली थी। शाम करीब साढ़े छह बजे वह लौटी। बिना बताए जाने पर पिता ने उसकी पिटाई कर दी। पढ़ाई लिखाई बंद कराने की धमकी दी। साथ ही घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी।
डांट फटकार और पिटाई के बाद अंजली ने खाना नहीं खाया। रात में चुपचाप अकेले कमरे में लेटी रही। लेकिन करीब 12 बजे उसे उल्टियां होने लगीं। देखकर परिजनों के होश उड़ गए। तत्काल मोहल्ले को लोगों को बुलाया और फिर पास के ही एक डाक्टर को दिखाया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर साईं अस्पताल आए। यहां डाक्टरों ने उसे वेंटीलेटर पर रखा, लेकिन सुबह करीब सात बजे अंजली ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना के बाद परिवार वाले बेटी की मौत का कारण उल्टी दस्त और डायरिया बताते रहे।
एसओ ने कहा कि छात्रा की मौत जहरीला पदार्थ खाने से बताई जा रही है। लेकिन परिजन कोई जानकारी नहीं दे रहे। जांच की जा रही है।
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घर की लाडली थी अंजली
दो बच्चों में बड़ी होने से अंजली परिवार की लाडली थी। मां-बाप उसकी हर फरमाइश पूरी करने की कोशिश करते थे। परिजनों की मानें तो नवरात्र के व्रत रखने की तैयारी कर रही थी। हर साल पूरे नौ दिन के व्रत रखती थी। शनिवार शाम वह अपनी सहेली के साथ ही किसी के साथ बाजार गई थी। वहां से दोनों एक युवक के साथ लौटीं। मोहल्ले के किसी व्यक्ति ने देख लिया और परिजनों को सूचना दे दी।
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पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित
पोस्टमार्टम में छात्रा के शरीर में जहर की पुष्टि हुई। डाक्टरों की मानें तो छात्रा ने रात में खाना नहीं खाया था। उसके पेट में पीले रंग का पानी मिला। जहर की पहचान के लिए बिसरा सुरक्षित रख लिया गया।